वाराणसी पहुंचा दो मंजिला क्रूज का पर्यटकों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। यह क्रूज लग्जरी सुविधाओं से लैस है। साथ ही इसमें काशी की संस्कृति की झलक भी दिखाई देगी। पर्यटन अधिकारियों के अनुसार क्रूज संचालन के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। संबंधित एजेंसी को टेंडर मिलने के बाद ही क्रूज का संचालन शुरू हो पाएगा। इस प्रक्रिया में एक माह का वक्त लग सकता है। मार्च से पहले गंगा में सुचारू रूप से क्रूज का संचालन संभव नहीं है।
वाराणसी: क्रूज में झलकेगी काशी की संस्कृति, 80-100 लोगों के बैठने की होगी सुविधा
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गोवा शिपिंग यार्ड से बनकर आए क्रूज में बहुत से काम अभी कराना हैं, जिसमें चेयर फीटिंग, आकर्षक रंगरोगन, एलईडी स्क्रीन, किचन सेटअप सहित अन्य कई कार्य किए जाएंगे। कैप्टन सुरेश बाबू व कैप्टन वाईके परासर ने छह हजार किलोमीटर की दूरी तय करके गोवा से यह क्रूज लेकर वाराणसी के रविदास घाट पहुंचे हैं। विधिवत मंत्रोच्चार के तहत यूपी टूरिज्म फेरी का स्वागत पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दो मंजिला क्रूज के संचालन से गंगा में पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, क्रूज पर सवार होकर पर्यटक एक साथ 84 घाटों का नजारा ले सकेंगे।
झलकेगी काशी की संस्कृति
क्रूज के अंदर ऐसी सजावट की जाएगी कि पर्यटकों को काशी की संस्कृति की झलक दिखेगी। इसमें काशी के गंगा घाट, गंगा आरती, मंदिर, बनारसी खानपान, किला, साधु संत और तमाम ऐसी कलाकृतियां बनाई गई हैं। अध्यात्मिक व साहित्यिक की यह झलक सबसे अलग है। अभी तक ऐसी कलाकृतियां किसी भी क्रूज में नहीं है। खासकर बनारस को ध्यान में रखते हुए क्रूज में कई आकर्षक कार्य अभी और होंगे।
आठ से दस किमी की रफ्तार से चलेगा यह क्रूज
कैप्टन वाईके परासर ने बताया कि 23 नवंबर को गोवा से समुद्र के रास्ते लेकर चलें। खासियत यह है कि गंगा में चलाने के लिए यह फेरी बनाया गया है। लेकिन खास बात यह भी है कि समुद्र का रास्ता तय करते हुए यह बनारस पहुंचा। आठ से 10 किमी की रफ्तार से ही क्रूज का संचालन गंगा की लहरों पर होगा। फेरी के सफलतापूर्वक संचालन को लेकर जलस्तर 1.4 मीटर होना चाहिए।
क्रूज में 80 से 100 यात्रियों की है क्षमता
प्रसाद योजना के तहत 10.71 करोड़ की लागत से क्रूज का संचालन किया जाना है। इसके लिए शहर के प्रमुख घाटों पर जेटी भी बनाई गई है। राजघाट, दशाश्वमेध, अस्सी और संत रविदास घाट पर जेटी बनाई गई है। दो मंजिला क्रूज का ऊपरी हिस्सा चारों तरफ से खुला रहेगा और नीचे वातानुकूलित हाल, किचन, वाशरूम सहित अन्य सुविधाएं पर्यटकों को मिलेंगी। नीचे और ऊपर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगेगीÐ कुछ ऐसा इंतजाम किया जाएगा कि जिस घाट से यह क्रूज गुजरेगा तो उसकी महता के बारे में भी पर्यटकों को एलईडी स्क्रीन पर जानकारी मिलती रहे।
यूपी टूरिज्म फेरी संचालन में एक माह का वक्त लग सकता है। पर्यटन विभाग इसका टेंडर जारी करेगा, जिस एजेंसी को टेंडर मिलेगा, वही तय करेगी कि किराया कितना होगा। -कीर्तिमान श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी