श्रद्धा और भक्ति के आगे देश- धर्म की सीमाएं किस तरह मिट जाती है इसका जीवंत प्रमाण मंगलवार को वाराणसी में देखने को मिला। इटली से आई एक महिला ने वाराणसी के तुलसी घाट पर पिंड दान और श्राद्ध सनातन धर्म के सारे विधि विधान से किया। आगे की स्लाइड्स में जानिए...
वाराणसी यानि मोक्ष नगरी काशी में गंगा तट पर सनातन काल से पिंड दान और श्राद्ध करने देश भर लाखों लोग आते ही हैं, लेकिन काशी की मान्यता यहीं तक सीमित नहीं है। दुनिया भर में जिन्हें आत्मा की मुक्ति की चाह होती है, वो काशी आकर अपनों के लिए विधिवत कर्मकांड कराते ही हैं। ऐसी ही एक महिला हैं इटली की सारा वरनेजे।
इटली की सारा वरनेजे मंगलवार को वाराणसी के तुलसी घाट पर अपने छह माह के पुत्र की श्राद्ध करने पहुंची। सारा ने वहां मौजूद कर्मकांडियों से पूछा की क्या कोई महिला श्राद्ध में हिस्सा ले सकती है। सारा के छह माह के पुत्र की मौत बीमारी के कारण हुई थी।
जीवन मरण के जाल से अपने लाल को मुक्ति दिलाने के इटली की सारा वरनेजे ने सनातन हिंदु धर्म में आस्था दिखाया। सारा यहां अपनी एक स्थानीय मित्र के साथ पहुंची थीं। यहां वो कर्मकांडी पंडित से मिली और अपने बेटे के लिए श्राद्ध करने की इच्छा प्रकट की।
इसके बाद पंडित जी के कहे अनुसार पूरे विधि विधान के साथ सारा ने अपने मृत बेटे का पिंडदान और श्राद्ध कराया। काशी के घाट पर महिला का यह कर्मकांड तमाम लोगों के अचरज का केंद्र बना रहा।