बनारस की आन, बान और शान कहा जाने वाला 'बनारसी पान' मेगास्टार अमिताभ बच्चन से लेकर बालीवुड के बेताज बादशाह शाहरुख खान तक की पसंद बना चुका है। लेकिन क्या आपको पता है कि एक समय ऐसा भी था, जब इस पान पर रोक लगा दी गई थी। आगे की स्लाइड में पढ़ें पूरी कहानी...
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नदेसर स्थित एक पान दूकान पर
- फोटो : अमर उजाला
बनारस की बात हो और बनारसी पान का जिक्र न हो तो जैसे सबकुछ अधूरा सा लगता है। भारत ही नहीं पूरी दुनिया में लोग इसके कायल हैं। यहां आने वाले देसी-विदेशी पर्यटक पान का एक बीड़ा जरूर घुलाते हैं। इसका स्वाद उन्हें अपना दीवाना बना देता है।
बनारस में विभिन्न तरह के पान मिलते हैं जिसे लोग अपनी पसंद के अनुसार खाते हैं। हर पान की अपनी एक खासियत होती है। फिर चाहे वो पाइनेपल पान, एप्पल पान ,स्ट्राबेरी पान, नवरत्न पान, राजरत्न पान , ऑरेंज पान, चॉकलेट पान हो या फिर आइस पान ।
चौक स्थित 130 साल पुरानी पान की दुकान रामस्वरूप चंद्र ताम्बूल के मालिक पवन चौरसिया ने बताया कि आज पूरी दुनिया में भले ही बनारसी पान प्रसिद्ध हो लेकिन एक समय ऐसा भी आया था जब अंग्रेजों ने इस पर रोक लगा दी थी।
पवन ने बताया कि आजादी की लड़ाई के दौरान क्रांतिकारियों की गतिविधियां बढ़ चुकी थीं। अंग्रेजों को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उस समय रणभेरी नामक अखबार क्रांतिकारियों की विचारधार का सबसे बड़ा समर्थक बन गया था। इसी दौरान अंग्रेजों ने पान खाने से लेकर पान की बिक्री पर पाबंदी लगा दी। उन्हें शक था कि स्वातंत्र्य आंदोलन में इसकी भी कोई भूमिका है।