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हरतालिका तीज : गंगा तटों- कुंडों से घर-आंगन तक सुहाग के लिए आराधना
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 25 Aug 2017 10:48 AM IST
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अखंड सुहाग, पतियों के लिए दीर्घायु कामना से जहां विवाहिताओं ने व्रत रखा, वहीं कुंवारी कन्याओं ने मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए शिव-पार्वती की आराधना की। हरतालिका तीज पर गुरुवार को काशी में घरों से लेकर घाटों तक आस्था का उत्सवी माहौल देखते बना। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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मंदिरों पर समूहबद्ध महिलाओं ने पूजा के बाद जहां शिव-पार्वती के भजन और मंगल गान किए, वहीं घाटों पर आरती और अर्घ्य का सिलसिला चला। घरों में तरह-तरह केपकवानों का भोग शिव-पार्वती को अर्पित किया गया। मान्यता के अनुसार महिलाओं ने भोर में ही मौन स्नान कर तीज व्रत धारण किया।
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स्नान के बाद गंगा तटों पर मिट्टी से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमाओं को केले के मंडप में प्रतिष्ठापित तक षोडशोपचार विधि से पूजा की गई। हल्दी, चंदन,रोली, नैवेद्य अर्पित कर मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव को प्रसन्न किया गया। घरों में आंगन और छतों पर महिलाओं के समूह उमड़े।
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सोलह शृंगार कर घरों से गीत गाते निकली महिलाओं ने शिव मंदिरों मेंअभिषेक, पूजा किया। संकल्पों के अनुसार कुछ व्रती महिलाओं ने रजत और स्वर्ण प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना की। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट के अलावा कुंडों पर भी भीड़ लगी रही। व्रतियों ने शाम को भी आरती और अर्घ्य दिया।
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निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं ने ही घरों में तरह-तरह के पकवान बनाकर शिव-पार्वती को भोग अर्पित किया। इसके साथ ही अखंड सुहाग की कामना की गई। काशी समेत पूर्वांचल में सनातनी परंपरा का महिलाओं का यह लोकप्रिय व्रत है।