अदालत के आदेश पर वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में लगातार दूसरे दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सर्वे हुआ। सूत्रों के मुताबिक रविवार को ऊपरी ढांचे से लेकर पश्चिमी दीवार की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। सर्वे की रिपोर्ट 17 मई को कोर्ट में दाखिल होगी। लगातार दो दिन के सर्वे में क्या मिला, ये जानने के लिए हर कोई उत्सुक है।
गोपनीयता को लेकर सख्त हिदायत की वजह से कोई भी पक्ष इसे लेकर सीधे कुछ बताने से से बचने की कोशिश कर रहा है लेकिन हिंदू पक्ष ने ये दावा जरूर किया है कि सर्वे में जो मिल रहा है, वो उनके पक्ष में है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कहा है कि सर्वे के बाद हमारा दावा और मजबूत हुआ है। उन्होंने ये भी बताया कि सर्वे सोमवार को भी होगा।
सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में मौजूद रहे अन्य वकीलों ने भी कहा है कि अभी करीब 80 फीसदी सर्वे ही पूरा हुआ है। अधिवक्ताओं ने साफ कहा कि जब सर्वे रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल हो जाएगी, तब ये सबके सामने आ जाएगा कि क्या मिला।
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मसाजिद कमेटी पक्ष के अधिवक्ता अभय यादव
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हिंदू पक्ष की ओर से किए जा रहे दावे पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी पक्ष के वकील ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। उन्होंने सर्वे पर संतोष जताया और कहा कि वादी पक्ष क्या कह रहा है, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए जाते अधिवक्ता
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ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए सुबह आठ बजे से 12 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। रविवार को सर्वे करने पहुंची टीम तय समय के बाद भी बाहर नहीं निकली। देरी से बाहर निकलने के बारे में यूपी सरकार के अधिवक्ता अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सर्वे तय वक्त में ही पूरा कर लिया गया था। अत्याधिक गर्मी होने के कारण कागजी प्रक्रिया में थोड़ा ज्यादा वक्त लग गया।
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ज्ञानवापी सर्वे के दौरान बांसफाटक क्षेत्र में बंद रहीं दुकानें
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सर्वे करने गई टीम सर्वे के करीब डेढ़ घंटे देरी से बाहर आई। सर्वे टीम के बाहर आने में आने में जितना अधिक वक्त लग रहा था, बाहर अटकलें लगाई जा रही थीं कि टीम शायद आज ही सर्वे पूरा कर लेना चाहती है। जब टीम बाहर निकली, तब ये साफ हुआ कि सर्वे पूरा नहीं हुआ है और ये सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहेगा।
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मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर पुलिस का पहरा
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देरी के बारे में पूछने पर अधिवक्ताओं ने कहा कि गर्मी बहुत ज्यादा होने की वजह से सर्वे और वीडियोग्राफी में दिक्कत आ रही थी। एडवोकेट कमिश्नर के निर्देश पर कार्रवाई को थोड़ी देर रोक कर लोगों ने विश्राम किया था और उसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।