गाजीपुर के डिलियां गांव की यादव बस्ती में रविवार की दोपहर बेटे के हाथों बुजुर्ग मां-बाप और विवाहित बहन की हत्या और इसके पीछे का कारण जानने के बाद हर कोई सन्न है। लोग हत्यारोपी बेटे और उसके पत्नी को भी इसके लिए कसूरवार मान रहे हैं। लेकिन, मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। कुछ दुख तो कुछ डर से शामिल नहीं हुए। दूसरे दिन भी मामले की चर्चा होती रही।
एक दिन पहले शिवराम (60), जमुनी देवी (65) और उनकी बेटी कुसुम (35) की बेटे अभय ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। वारदात को अपनी आंखों से देखने और आरोपी का स्वभाव जानने के बाद गांव और खानदान के लोग भी दूरी बनाते नजर आए।
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पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खून को देखकर सहम जा रहे थे लोग
सोमवार को शिवराम के डेरा (निर्माणाधीन मकान) पर बनी पशुशाला में भी मवेशियों को चारा डालने वाला कोई नहीं था। मृतक के घर की तरफ जाने से भी बच्चों को उनके परिजन रोक रहे थे। घर के अंदर गोबर से लिपे गए खाली पड़े कमरों, मिट्टी के चूल्हे और खून को देखकर लोग सहम जा रहे थे।
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हत्याकांड के बाद मौके पर जमा लोग
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इस निर्मम घटना को लेकर गांव के लोग दुखी ही नहीं, बल्कि भयभीत भी हैं। शायद यही वजह रही कि गांव के लोग पोस्टमार्टम हाउस तक नहीं आए। बड़ी कोशिशों के बाद पुलिस ने पंचनामा कराकर 24 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया।
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हत्याकांड में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी
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पोस्टमार्टम हाउस पर सपा के सदर विधायक जै किशुन साहू, सपा जिलाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों के अलावा गिने चुने लोग ही मौजूद रहे। जब मृतक शिवराम के परिवार से जुड़े लोग हिम्मत नहीं जुटा पाए तो मृतका जमुनी देवी के मायके पक्ष के लोगों ने अंतिम संस्कार करने की फर्ज अदायगी की।
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गाजीपुर में खेत की जमीन के लिए ट्रिपल मर्डर
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देर शाम साढ़े सात बजे शिवराम के साले शिवशंकर यादव ने बहनोई शिवराम, बहन जमुनी देवी और भांजी कुसुम यादव को मुखाग्नि दी तो मौके पर जुटे लोगों की आंखें नम हो गईं।