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घायलों से मिलने पहुंचे मंत्री से एक पिता ने कही ऐसी बात, सुनकर फट जाएगा आपका कलेजा

Thu, 17 May 2018 03:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 17 May 2018 03:13 PM IST
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Father argue for save his son infront of minister anil rajbhar
anil rajbhar - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में हुए निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे में घायल हुए लोगों का उपचार बीएचयू के ट्रामा सेंटर सहित अन्य अस्पतालों चल रहा है। घायलों का हाल जानने के लिए यूपी के कई मंत्री अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार को सूबे के मंत्री अनिल राजभर जब अस्पताल पहुंचे तो कुछ ऐसा हुआ कि वहां मौजूद सभी की आंखें भर आईँ। आगे की स्लाइड्स में देखें..
Father argue for save his son infront of minister anil rajbhar
anil rajbhar - फोटो : अमर उजाला

बुधवार दोपहर प्रदेश के राज्यमंत्री अनिल राजभर बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां वो बारी बारी से घायलों के पास जाकर उनका हाल ले रहे थे। परिजनों का हिम्मत बढा रहे थे। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि संकट के इस घड़ी में वो और उनकी सरकार उनके साथ है। 
 


 
Father argue for save his son infront of minister anil rajbhar
anil rajbhar - फोटो : अमर उजाला
एक ही लड़का है सर, उसका हाथ कट गया है। इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, बहुत गरीब हैं। दो बजे भोर में हमसे जांच का पैसा ले लिया गया। बुधवार को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में करीब तीन बजे जैसे ही प्रदेश के राज्यमंत्री अनिल राजभर मरीजों को देखने पहुंचे एक घायल युवक नीरज के माता-पिता फफक पड़े। 
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Father argue for save his son infront of minister anil rajbhar
anil rajbhar - फोटो : अमर उजाला
बताया, ट्रॉमा सेंटर में उससे इलाज के नाम पर रुपये मांगे गए। इस पर मंत्री ने बिना किसी शुल्क के सभी इलाज होने की बात कही। मौके पर मौजूद ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज ने तुरंत कहा कि कोई पैसा नहीं मांगेगा। जब परिजनों ने कहा कि जांच के लिए तो इंचार्ज ने कहा कि जांच के लिए लिया गया, यहां जांच नहीं होती है। 
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Father argue for save his son infront of minister anil rajbhar
anil rajbhar - फोटो : अमर उजाला
ट्रॉमा सेंटर पहुंचे राजभर जब ग्रीन जोन से निकल कर रेड जोन की तरफ जा ही रहे थे कि घायल नीरज के परिजनों ने रोक लिया और पैर पकड़कर रोने लगे। कहा- साहब जी मेरे पास पैसा नहीं है। मेरे बेटे का हाथ कट गया है। वह भी हमें मंजूर है। बस हमारे इकलौते बेटे की जान बचा लीजिए। यहां लोग हमसे पैसा मांग रहे हैं। हमारे पास एक पैसा नहीं है।
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