वैसे तो काशी तीर्थनगरी की हर नदी, कुंड, तालाब को ही जलतीर्थ की मान्यता मिली हुई है। इसी में से एक लोलार्क कुंड भी है। जहां नि:संतान दंपती आस्था और विश्वास की डुबकी लगाते हैं। भादो माह की षष्ठी तिथि को इसी मान्यता के साथ स्नान करने पहुंचते हैं। इस वर्ष सूर्य षष्ठी पर 21 सिंतबर को लोलार्क कुंड में डुबकी लगाने के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ेगा। अस्सी के भदैनी स्थित प्रसिद्ध लोलार्क कुंड पर आस्था का मेला गुलजार होगा।
काशी के लक्खा मेलों में शुमार लोलार्क षष्ठी स्नान की मान्यता है कि संतान प्राप्ति की कामना लेकर आने वाले दंपतियों की मनोकामना लोलार्केश्वर महादेव पूरी कर देते हैं। स्नान की तैयारियों में जिला व पुलिस प्रशासन जुटा है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को लोलार्क कुंड में स्नान के लिए दंपती बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, बंगाल, नेपाल सहित आसपास के जिलों से काशी पहुंचेंगे।
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लोलार्क कुंड
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तीर्थ पुरोहित पं. कन्हैया तिवारी ने बताया कि संतान की कामना से दंपती लोलार्क छठ के दिन भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में तीन बार डुबकी लगाकर स्नान करते हैं। कुंड में स्नान के बाद दंपती को एक फल का दान कुंड में करना चाहिए। दंपती अपने भीगे कपड़े भी छोड़ देते हैं।
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लोलार्क कुंड स्नान
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कुंड में स्नान के बाद दंपती को लोलार्केश्वर महादेव के दर्शन करने चाहिए। स्नान के दौरान दंपती जिस फल का दान कुंड में करते हैं, मनोकामना पूर्ति तक उसे उसका सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं और स्नान करने वाली माताओं की मनोकामना पूरी होती है।
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लोलार्क कुंड स्नान के लगती है लंबी कतार
- फोटो : amar ujala
अस्सी, भदैनी से लेकर लोलार्क कुंड तक बैरिकेडिंग लगाने का काम शुरू हो गया। कुंड के पास विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर जिगजैग बैरिकेडिंग की गई है। ताकी कुंड में एकबार में 100 से 150 लोग ही स्नान करने के लिए जा पाएंगे।
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लोलार्क कुंड स्नान
- फोटो : अमर उजाला
लोलार्क कुंड में स्नान का खास महत्व होता है। हर साल सूर्य षष्ठी पर देश के अलग अलग प्रांतों से आए श्रद्धालुओं की यहां भीड़ जुटती है। लोलार्केश्वर महादेव मंदिर के महंत के अनुसार पश्चिम बंगाल स्थित कूच विहार स्टेट के एक राजा चर्मरोग से पीड़ित और नि:संतान थे। यहां स्नान करने से न केवल उनका चर्मरोग ठीक हुआ बल्कि उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। उन्होंने इस कुंड का निर्माण सोने की ईंट से कराया था।