वाराणसी के रिंग रोड वाजिदपुर के पास सोमवार अलसुबह कमिश्नरेट पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया। जबकि एक बदमाश भागने में कामयाब रहा। मारे गए दोनों बदमाश पिछले दिनों दरेखूं में दरोगा अजय यादव को गोली मारकर सर्विस पिस्टल लूट कर फरार हुए थे। मुठभेड़ में दो बदमाशों की मौत के बाद जो जानकारी पुलिस को मिली वह काफी चौंकाने वाली थी। दरअसल दोनों बदमाश सगे भाई निकले। जो फरार हुआ वो भी इनका भाई ही था। मुठभेड़ में ढेर दोनों बदमाशों का बड़ा आपराधिक इतिहास रहा है।
पिछले एक दशक से बिहार के समस्तीपुर समेत अन्य जिलों में इनकी दहशत थी। तीन माह पूर्व 9 सितंबर 2022 को पटना बाढ़ जिला जज की कोर्ट से पेशी के दौरान बाथरूम की दीवार फांदकर फरार हुए थे। तब से वो वाराणसी के मंडुवाडीह में रह रहे थे। अब सवाल ये है कि उन्होंने नौ नवंबर को रोहनिया के दरेखूं गांव में बावर्दी दरोगा अजय यादव को गोली क्यों मारी। इसकी बड़ी वजह सामने आई है।
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पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के मुताबिक, लक्सा थाने में तैनात दरोगा अजय यादव से पिस्टल लूटना बदमाशों का मेन मोटिव था। दरेखू स्थित अजय यादव के निर्माणाधीन मकान के पास तीनों बदमाश उसपर टूट पडे़ थे। दो बदमाशों को अजय ने दबोच लिया। इस बीच फंसता देख तीसरे बदमाश ने अजय के सीने में गोली मार दी। लहूलुहान हाल में अजय के जमीन पर गिरते ही बदमाश उनका मोबाइल, पर्स और सरकारी पिस्टल लूटते हुए भाग निकले। मारे गए दोनों बदमाश इस तरह के अपराध करने के अभ्यस्त थे।
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एनकाउंटर करने वाली टीम के साथ पुलिस आयुक्त
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में ढेर बदमाशों की शिनाख्त समस्तीपुर मोहद्दीपुर थाना अंतर्गत गोलवा निवासी रजनीश उर्फ बऊआ सिंह और मनीष सिंह के रूप में हुई। यह दोनों सगे भाई थे। जबकि फरार तीसरा बदमाश भाई लल्लन सिंह है। कब्जे से 9 एमएम की पिस्टल, दरोगा की लूटी हुई नाइन एमएम की ब्राउनी पिस्टल, बाइक और अन्य कागजात भी बरामद हुए। पुलिस आयुक्त के अनुसार बदमाशों के कब्जे से बरामद मोबाइल के सीडीआर को खंगाला जाएगा। यह पता लगाया जा रहा है कि वाराणसी में और कौन लोग संपर्क में थे। पनाह देने वालों पर भी कार्यवाही की जाएगी।
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वाराणसी में रिंग रोड के पास मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में ढेर दोनों बदमाशों का आपराधिक इतिहास रहा है। पिछले एक दशक से बिहार के समस्तीपुर समेत अन्य जिलों में इनकी दहशत थी। इन चारों भाई रजनीश, मनीष और लल्लन, राजेश का आतंक पूरे बिहार में था। पुलिसकर्मियों की दिनदहाड़े हत्या कर असलहा लूट लेते थे। गिरोह के संग बैंक डकैती और अन्य जघन्य वारदात को अंजाम देते रहे।
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वाराणसी में रिंग रोड के पास मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
तीन माह पूर्व पटना कोर्ट से फरार तीनों बदमाश रजनीश, मनीष और लल्लन पिछले कुछ माह से मंडुवाडीह में रह रहे थे। तीन माह पूर्व 9 सितंबर 2022 को पटना बाढ़ जिला जज की कोर्ट से पेशी के दौरान बाथरूम की दीवार फांदकर फरार हुए थे। दोनों की अपराधिक हिस्ट्री कमिश्नरेट पुलिस ने खंगाली तो सामने आया कि दोनों भाइयों पर पहला मुकदमा वर्ष 2011 में लूट का समस्तीपुर के मोहद्दीपुर थाने में दर्ज हुआ था।