वाराणसी शहर में पांच लाख रुपये खर्च करने के बाद भी जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। हालत यह है आधे घंटे की जोरदार बारिश में शहर ताल तलैया में तब्दील हो जा रहा है। अब तक नगर निगम पूरे नालों की सफाई नहीं करवा पाया है। बारिश के चलते शहर में जगह-जगह जलभराव के साथ लोगों के घरों में पानी घुस गया। नालों से निकाला गया सिल्ट नालों में चला गया।
वाराणसी : पांच लाख रुपये खर्च करने के बाद भी राहत नहीं, बारिश में शहर बना तलैया
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शहरी इलाके में जलभराव की स्थिति से आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। गिरजाघर से नई सड़क तक बरसात का पानी कमर तक भरने के कारण जनता परेशान रही। नई सड़क औरंगाबाद से लेकर सोनिया तक जलभराव की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। दशाश्वमेध से लक्सा तक घुटने भर पानी भरने के कारण कई लोगों की गाडि़यां बंद हो गईं। शहर के सबसे पॉश माने जाने वाले इलाके रवींद्रपुरी में भी जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार थमी रही।
इन इलाकों में दूषित जलापूर्ति की शिकायत भी सामने आई। बेहतर तैयारी की गई होती तो नालों और नालियों से निकलने वाला पानी सड़कों पर न लगता। अंधरापुल और सरैया के रेलवे पुल के नीचे काफी देर तक पानी लगा रहा। नगर निगम की ओर से जल निकासी की मुक्कमल व्यवस्था नहीं होने से निचले इलाकों पानी भर गया।
जलभराव से निजात के लिए निगम ने तैयार की 14 टीमें
अपर नगर आयुक्त देवी दयाल ने जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया। इसके बाद बैठक कर मातहतों को निर्देश दिया कि 5 जोन के 14 सबजोन में टीम तैयार रखें। जहां से जलभराव की सूचना मिले। वहां पर जल कल की मशीन भेज कर पानी निकालने की तत्काल व्यवस्था कराई जाए। ताकि इलाकों में पानी न लगने पाए। उन्होंने बताया कि इस बार नाला सफाई के लिए टेंडर नहीं हुआ है। नगर निगम अपने खर्चे पर नाला सफाई कार्य करा रहा है। अब तक पांच लाख रुपये खर्च हुआ है।