अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान ताउते भले ही थम चुका हो, लेकिन वाराणसी सहित कई जिलों में मौसम को बिगाड़ दिया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और बूंदाबांदी ने वैशाख में ही भादो का अहसास करा दिया। ताउते के असर से 24 घंटे में 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
मई महीने में एक दिन में हुई इस बारिश से पिछले 52 साल का रिकार्ड भी टूट गया है। इसके पहले मई महीने में अब तक सबसे ज्यादा 1969 में 76.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। ताउते तूफान का असर वाराणसी समेत आसपास के जिलों में पिछले तीन दिन से बना है।
मंगलवार के बाद बुधवार और बृहस्पतिवार को भी पूरी रात गरज चमक और तेज हवा संग झमाझम बारिश हुई। पिछले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। सोमवार को 41 डिग्री सेल्सियस तापमान था वहीं मंगलवार को कम होकर 32 और बुधवार को 30.6 जबकि बृहस्पतिवार को 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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ताउते का असर : तीसरे दिन 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज
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मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि 52 साल बाद एक दिन में 83 मिलीमीटर बारिश हुई है, इसके पहले 76.6 मिलीमीटर 1969 में बारिश मई में हुई थी। तूफान ताउते का असर शुक्रवार तक बना रहेगा। इस समय ताउते दक्षिणी पश्चिमी यूपी पर है। शनिवार से मौसम साफ होने की संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से भी एक चक्रवाती तूफान उठने के आसार है। इसकी वजह से 24 मई के बाद तेज हवा संग बारिश की संभावना रहेगी।
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पूर्वांचल में ताउते का कहर
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रात में हुई बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो की समस्या खड़ी हो गई। जबकि नगर निगम के अधिकारियों की ओर से लगातार सफाई का दावा किया जा रहा है। इससे निजात दिलाने के लिए कोविड-19 वार रूम नंबर 1077 पर जलभराव की सूचनाएं दें। सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने अपने जोन पर जलभराव वाले इलाकों से पानी निकलवाएं। शिवाला, सोनारपुरा, सामने घाट, हुकुलगंज त्रिमुहानी से चौका घाट पुल के पहले मार्ग पर घंटों पानी भरा रहा। यहां पर अक्सर पाइप लाइन जाम होने से सीवर का गंदा पानी मेन रोड पर बहता रहता है। बारिश में शहर की स्थिति और खराब हो गई।
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पूर्वांचल में ताउते का कहर
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बारिश से पैदा हुई सीवर, पेयजल, सफाई व्यवस्था नगर आयुक्त गौरांग राठी ने दूर कराई। औसानगंज क्षेत्र में दूषित पेयजल की शिकायत प्राप्त होने पर दो स्थानों पर पाइप लाइन में लीकेज की मरम्मत कराई। सरैया डाट पुल के पास जलभराव हो गया था। जलकल एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आपसी समन्वय के साथ उक्त स्थल से पानी की निकासी कराई गई।
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पूर्वांचल में ताउते का कहर
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बीएचयू के डीआरडीओ के अस्थायी अस्पताल के आसपास जलभराव की समस्या दूर कराई। वहां बने नालों के माध्यम से जलनिकासी कराई गई, साथ ही मैदान में हुई जलजमाव की भी निकासी कराई गई।