वाराणसी में शुक्रवार को कुशीनगर और भदोही जैसा स्कूल वाहन हादसा होते होते बच गया। बड़ागांव थाना के अहरक स्थित गेट नंबर 13 सी पर शुक्रवार दोपहर गेटमैन की लापरवाही से स्कूली वाहन दून एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। संयोग अच्छा था कि रेल इंजन में फंसी बोलेरो एक पोल से टकराकर अलग हो गई। इस घटना में आधा दर्जन बच्चे घायल हो गए। इस घटना के बाद गेटमैन विंधेश्वरी मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है, वहीं इसकी जांच के लिए टीम गठित की गई है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
अहरक स्थित सरसैयद पब्लिक स्कूल के 11 छात्र और प्रधानाचार्य भारती सिंह को लेकर बोलेरो चोलक पूरबपुर गांव जा रहा था। रास्ते में 13 सी क्रॉसिंग बंद मिली। जौनपुर की तरफ से आ रही मालगाड़ी गुजरने के बाद गेट खोला गया। इस दौरान जैसे ही बोलेरो ने बूम को पार किया उसी दौरान वाराणसी की ओर से दून एक्सप्रेस ट्रेन आ गई।
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बचने के लिए चालक ने बोलेरो को पीछे करने की कोशिश की और इस बीच स्कूली वाहन के अगले हिस्से से ट्रेन टकरा गई। इसके बाद इंजन में बोलेरो फंस गई और थोड़ा आगे पोल से टकराकर अलग हो गई। कुछ दूर जाकर ट्रेन भी रुक गई।
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इस हादसे में आधा दर्जन बच्चे घायल हो गए, जिन्हें नजदीक के अस्पताल पहुंचाया गया है। उधर, आक्रोशित ग्रामीणों ने गेटमैन को पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची जीआरपी, आरपीएफ व पुलिस ने गेटमैन को बचाया। इसके बाद मौके पर एडीआरएम वाराणसी रवि प्रकाश चतुर्वेदी, स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे।
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ग्रामीणों ने बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन को रोक कर नारेबाजी की। इससे कई और ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि गेटमैन हमेशा नशे में धुत रहता है। उसकी लापरवाही से हादसा हुआ।