लखनऊ में बुधवार की रात मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या कर दी गई। कई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त मृतक अजीत सिंह सगड़ी के पूर्व बसपा विधायक रहे सर्वेश सिंह सीपू सिंह की हत्या में अहम और मजबूत गवाह थे। अभी मामले में पहले गवाह पर जिरह चल रही है। इसके बाद अजीत की ही गवाही होनी थी। इस बीच उसकी हत्या से जहां मामले के सभी गवाह सकते में हैं, वहीं केस पर भी असर पड़ने के आसार नजर आने लगे हैं।
अजीत सिंह हत्याकांड: विधायक सीपू की हत्या के मामले में मजबूत गवाह था अजीत सिंह, केस पर होगा असर
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आजमगढ़ जिले में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में जल्द फैसला होने की कोशिश हो रही है। इसके लिए जिला न्यायालय में हर दिन सुनवाई हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस हत्याकांड में 31 दिसंबर तक फैसला सुनाने का निर्देश दिया है। पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या 19 जुलाई 2013 को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार कर जीयनपुर चौक पर कर दी थी।
पूर्व विधायक हत्याकांड की तत्कालीन प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। हत्याकांड में प्रदेश की टॉप टेन सूची में शामिल कुख्यात अपराधी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू समेत उसके कई सहयोगी आरोपी हैं। सात साल पहले हुए इस हत्याकांड में दर्ज मुकदमे में कुछ हिस्से की विवेचना जहां जिले की पुलिस कर रही है तो कुछ की सीबीआई। अब तक मात्र एक गवाह सर्वेश सिंह सीपू के भाई संतोष सिंह टीपू की ही गवाही हो सकी है, जिसकी 85 पन्नों की जिरह भी हो चुकी है। अजीत सिंह इस मामले का दूसरा सबसे मजबूत गवाह था। गवाही में इतनी लंभी जिरह और अब अजीत सिंह की हत्या कई सवाल खड़े कर रही है।
हाई प्रोफाइल मामले का मुख्य आरोपित ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह फिलाहल सलाखों के पीछे है। डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि अजीत सिंह लखनऊ में ही रहता था। हालांकि अभी मामले में एफआईआर नहीं हुई है, लेकिन इस हत्याकांड से सबसे ज्यादा लाभ ध्रुव कुमार सिंह कुंटू को मिल रहा है। इससे इस हत्याकांड का आजमगढ़ कनेक्शन भी बन रहा है। अजीत सिंह की हत्या के बाद विधायक हत्याकांड के अन्य गवाह भी सकते में हैं।
पूर्व विधायक सीपू की पत्नी बंदना सिंह इस समय बसपा से सगड़ी विधानसभा क्षेत्र की विधायक हैं। डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि लखनऊ पुलिस मामले की जांच कर रही है। अजीत सिंह की हत्या से जो आजमगढ़ कनेक्शन बन रहा है, उसे लेकर नजर रखी जा रही है।
यदि एफआईआर में कुंटू का नाम आता है तो यहां भी उससे जुटे तथ्यों के खंगाला जाएगा। रही बात अन्य गवाहों की सुरक्षा की तो संतोष सिंह टीपू और अन्य को सुरक्षा मिली हुई है। उन्हें अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी।