वाराणसी में बुधवार रात भाजपा नेता पशुपति नाथ सिंह की मनबढ़ युवकों ने बुधवार की रात लाठी-डंडे व रॉड से वारकर हत्या कर दी। वारदात सिगरा जैसे पॉश इलाके के जयप्रकाश नगर मोहल्ले में हुई है। शराब पीकर झगड़ा करने वालों को टोकने वाले भाजपा नेता पशुपति नाथ सिंह ने जयप्रकाश नगर और आसपास के इलाकों में सक्रिय मनबढ़ युवकों के गैंग-307 की शिकायतें पुलिस तक पहुंचाई थी। मई से सितंबर के बीच शराब ठेके के बाहर इस गैंग के उपद्रव की तस्वीरों को भी उन्होंने कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव को भेजी थी।
विधायक ने भी पुलिस को इसकी शिकायत कर कार्रवाई के लिए कहा था। मगर, पुलिस ने शिकायतों को नजरअंदाज किया और अंत में इस लापरवाही की कीमत भाजपा नेता पशुपतिनाथ को जान देकर चुकानी पड़ी। उधर, बुरी तरह जख्मी उनका बेटा बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। इधर, जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उसके बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं। हॉकी, लाठी-डंडे से 40 से 50 युवकों की भीड़ पिता-पुत्र दुश्मन की तरह टूटी थी और कोई कुछ न कर सका।
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बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कैंट विधायक और पुलिस आयुक्त
- फोटो : अमर उजाला
जिन युवकों ने समूह में आकर हमला किया, उन युवकों में तीन आरोपी सिगरा थाने के हिस्ट्रीशीटर भी बताए गए हैं। शहर के बीच में 50 से 60 युवक गैंग बनाकर महीनों से दहशत का माहौल बनाते रहे और पुलिस बेखबर ही रही। जबकि इलाके में दहशत का माहौल बनाने को लेकर शाम होते ही सभी झुंड में निकलते है। इस घटना में भी यही हुआ। विवाद की जानकारी मिलने पर महज 15 मिनट के अंदर 40 से 50 की संख्या में युवक जुट गए।
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बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे भाजपा नेता
- फोटो : अमर उजाला
40 से 50 युवकों की भीड़ ने घर के बाहर जैसे ही पिता-पुत्र पर हमला बोला तो पहले तो बचाव के लिए आगे बढ़े। मगर, इनके हाथों में ईंट, पत्थर, रॉड सहित अन्य हथियार देखकर लोग ठिठक गए और पीछे हट गए। करीब 15 से 20 मिनट तक हमलावर पिता-पुत्र को पीटते रहे और दोनों को मृत जानकर ही वहां से निकले। इस बीच आसपास के लोग खिड़कियों व छतों पर खड़े होकर बचाव के लिए शोर मचाते रहे। देर रात तक स्थानीय लोगों में ऐसी दहशत थी कि कुछ बोलने से भी सहम रहे थे।
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घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस आयुक्त समेत अन्य अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
सिगरा के जयप्रकाश नगर में घर से चंद कदम की दूरी पर स्थित शराब के ठेके पर आए दिन उपद्रवियों का जमावड़ा लगता था। यहां वे बेखौफ होकर राहगीरों से मारपीट तक करते थे। इसकी शिकायत सिगरा थाने और नगर निगम चौकी पुलिस पर कई बार लोगों ने की। लेकिन पुलिस शिकायत को हल्के में लेती गई।
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भाजपा नेता पशुपति नाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
हफ्ते भर पूर्व भी इसी कॉलोनी के तिराहे पर युवकों के गुटों में मारपीट हुई थी। बीएचयू ट्रामा सेंटर में पहुंचे लोगों के मन में सिगरा पुलिस के प्रति काफी उबाल रहा। भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर सिगरा इंस्पेक्टर 45 मिनट के बाद मौके पर पहुंचे। वहीं, नगर निगम पुलिस चौकी भी समय से नहीं पहुंची। इसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी रही।