बनारस रेलवे स्टेशन से शनिवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही बनारस-खजुराहो वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई, वैसे ही प्लेटफॉर्म और ट्रेन के अंदर मौजूद लोगों ने हर-हर महादेव का जयघोष किया। इसके साथ ही ट्रेन रवाना हो गई। प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर ट्रेन में सफर करने वाले लोगों का अभिवादन किया।
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सजधज कर तैयार वंदे भारत
- फोटो : रोहित सोनकर (संवाद)
आठ कोच वाली स्पेशल ट्रेन से पहले दिन 500 से ज्यादा लोगों ने सफर किया। सुबह 8. 41 बजे बनारस से निकली ट्रेन प्रयागराज, चित्रकूट धाम, महोरा, बांदा होते हुए शाम 4.15 बजे खजुराहो पहुंची। यह सफर आठ घंटे में पूरा हुआ। सफर में हर स्टेशन पर संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और लोगों ने हाथ में तिरंगा झंडा लेकर ट्रेन से सफर करने वाले लोगों का स्वागत किया।
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बनारस स्टेशन पर खुशी की मुद्रा में यात्री।
- फोटो : संवाद
बनारस रेलवे स्टेशन पर ऐसा पहली बार हुआ जब प्रधानमंत्री ने किसी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर प्रधानमंत्री सुबह 8.16 बजे पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ट्रेन के सी एक कोच में बैठे स्कूली छात्र-छात्राओं से बात कर उनका हौसला बढ़ाया। इससे पहले रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का बनारस रेलवे स्टेशन परिसर में आने पर स्वागत किया।
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पीएम मोदी का स्वागत करते सीएम योगी।
- फोटो : संवाद
शिक्षाविद, युवा और खिलाड़ी भी पहुंचे: बनारस रेलवे स्टेशन पर लोगों में उत्साह देखने को मिला। प्लेटफाॅर्म नंबर 6 से 8 तक 800 से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई थीं जिस पर भाजपा नेताओं, चिकित्सकों, पार्षद, शिक्षाविद, युवाओं, खिलाड़ियों सहित अन्य लोगों को बैठाया गया था।
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यात्रियों और जनता का अभिवादन करते पीएम मोदी।
- फोटो : संवाद
बनारस से चलने वाली यह आठवीं वंदे भारत ट्रेन, पहले दिन 400 लोगों ने की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस स्टेशन से खजुराहो जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेलवे स्टेशन परिसर में आने पर स्वागत किया। यह बनारस से चलने वाली आठवीं ट्रेन बन गई है। आठ कोच वाली इस उद्घाटन स्पेशल ट्रेन में पहले दिन 400 से ज्यादा लोगों ने सफर किया। सुबह 8.41 बजे बनारस से निकली ट्रेन शाम 4.30 बजे खजुराहो पहुंची। वहां दो घंटे रुकने के बाद वापस बनारस के लिए रवाना हुई। वापसी में बनारस से पहले 5 किमी दूरी तय करने में तीन बार ट्रेन को रोकना पड़ा।