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सात साल बाद बना नाग पंचमी पर शुभ संयोग, काशी में उमड़ा शिवभक्तों का रेला

Mon, 05 Aug 2019 06:38 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 05 Aug 2019 06:38 PM IST
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Auspicious coincidence on Naag Panchami after seven years varanasi
बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए लगी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
सावन का सोमवार और नागपंचमी के खास संयोग पर पुण्य बटोरने के लिए शिवभक्तों का रेला काशी में लगा हुआ है। सुबह से ही शहर में चारों तरफ से कांवरियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। तस्वीरें देखें आगे की स्लाइड्स में...
Auspicious coincidence on Naag Panchami after seven years varanasi

सोमवार की सुबह मंगला आरती के साथ ही सबसे पहले दर्शन, पूजन और जलाभिषेक के लिए कांवरियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। चौक, बांसफाटक और  गोदौलिया क्षेत्र में शाम से ही कांवरियों का हुजूम लगा रहा। गोलौलिया चौराहा बोल बम से गूंज रहा था। बाबा विश्वमाथ में मंगला आरती के बाद टिकटधारियों ने दर्शन किए, उसके ठीक बाद 4 बज कर 3 मिनट पर आम लोगों के लिए पट खोल दिए गए। भक्त ज्ञानवापी से कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन की लिए आगे बढ़ रहे थे। वहीं दूसरी कतार बांसफाटक से गेट नंबर- एक से जा रही थी। दोपहर साढ़े 12 बजे तक 1 लाख 50 हजार लोगों ने दर्शन कर लिए थे।

Auspicious coincidence on Naag Panchami after seven years varanasi

कांवरिया शिविरों में भी रात तक तिल रखने की जगह नहीं बची थी। सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के साथ नागपंचमी की भी पूजा हो रही है।  रविवार को मंगला आरती के बाद से काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। दर्शनार्थियों की कतार देर रात तक बाबा दरबार में लगी रही।

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Auspicious coincidence on Naag Panchami after seven years varanasi

शयन आरती के बाद पट बंद होने तक 80 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा का दर्शन किया था। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया  गया। वायरलेस और माइक पर श्रद्धालुओं के साथ किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने का संदेश गूंजता रहा। दिव्यांग और बुजुर्गों को गेट नंबर चार से सीधे प्रवेश  दिया गया।

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Auspicious coincidence on Naag Panchami after seven years varanasi

इसके बाद दोपहर 12 बजे तक लगभग 1 लाख 44 हजार शिवभक्तों ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। साथ ही नागपंचमी के शुभ अवसर पर भक्तों ने गंगा नदी में स्नान कर के पुण्य कमाया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में नियमित दर्शनार्थियों को बाबा के स्पर्श करने का सौभाग्य नहीं मिल रहा है। कमिश्नर और मुख्य कार्यपालक के आदेश के बाद भी  नियमित नेमियों के साथ मंदिर में दुर्व्यवहार किया जा रहा है। रविवार को भी मंगला आरती के बाद बाबा को स्पर्श नहीं करने दिया गया। नेमि दर्शनार्थियों ने कहा  कि अधिकारियों की बात नहीं मानी जा रही है। यह पूरी तरह से मनमानी है। 

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