सेना दिवस से ठीक पहले भारतीय सेना ने कैंट बोर्ड के मल्टी परपज ग्राउंड में अपने एक बढ़कर घातक हथियारों का प्रदर्शन किया। सेना को जानें कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रदर्शनी में सेना के जवानों ने प्रदर्शनी देखने आ रहे लोगों को हथियारों के इस्तेमाल के तरीके बताए। आगे की स्लाइड में देखें हथियार और पढ़ें उनकी खासियत-
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- फोटो : अमर उजाला
एफएन मैग के नाम से मशहूर 7.62 मिलीमीटर इस मशीनगन का निर्माण बेल्जियम ने किया है। 1950 के दशक में बनी इस मशीन गन का इस्तेमाल भारत, ब्रिटेन कनाडा समेत दुनिया के 50 से अधिक देश करते हैं। 11.79 किलोग्राम वजनी यह मशीन गन एक मिनट में 650 से लेकर एक हजार गोलियां दाग सकती है। इस फायरिंग रेंज 800 मीटर है।
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स्वीडन निर्मित कार्ल गुस्ताफ एक टैंक नाशक राइफल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसे उठाकर कहीं भी ले जाया जा सकता है। साब बोफोर्स डायनमिक्स द्वारा बनाई गई इस राइफल से 500 मीटर दूर खड़े दुश्मन के टैंक को उड़ाया जा सकता है। यह राइफल एक मिनट में छह राउंड फायर करती है और इसका वजन साढ़े आठ किलोग्राम है।
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5.56 एमएम की इंसास लाइट मशीन गन का निर्माण भारत ने किया है। इस लाइट मशीन गन से 700 मीटर की दूरी तक दुश्मन को मार गिराया जा सकता है। इंसास एलएमजी से एक मिनट में 60 से 150 गोलियां दागी जा सकती हैं।
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इंसास राइफल का भी निर्माण भारत ने किया है। 5.56 एमएम की इस राइफल से 400 मीटर की दूरी तक निशाना साधा जा सकता है। यह राइफल एक मिनट में 60 गोलियां दागती है। इस राइफल का इस्तेमाल भारतीय सेना बड़े पैमाने पर करती है।