पूर्वांचल में सपा-बसपा गठबंधन के मुकाबले मजबूती से चुनाव लड़ने के लिए भाजपा ने रूठों को मनाना शुरू कर दिया है। इसकी जिम्मेदारी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह(Amit shah) ने अपने कंधों पर ले ली है। सहयोगी दलों जैसे- अपना दल (सोनेलाल) और सुभासपा की नाराजगी दूर करने की कोशिशें तेज कर दी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह(Amit shah) ने दोनों दलों के नेताओं को 25 व 26 फरवरी को दिल्ली बुलाया है। 2017 के विधान सभा चुनाव से पहले दोनों दलों के साथ गठबंधन करने वाले अमित शाह(Amit shah) के सामने दोनों सहयोगियों को सहेजना चुनौती है। देखें आगे की स्लाइड्स में...
‘ऑपरेशन यूपी’ के तहत अमित शाह(Amit shah) हर दिन की ‘थाह’ लेकर प्रदेश सरकार और संगठन को निर्देश दे रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दोनों दलों को संघर्ष का साथी बताते हुए नाराजगी दूर करने की पहल की है। उनका कहना है कि रूठों को मना लिया जाएगा।
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प्रियंका गांधी
- फोटो : self
पूर्वांचल के पांच मंडलों में दोनों बिरादरियों (पटेल और राजभर) का खास प्रभाव है। दोनों दलों के छिटकने पर सूबे की लगभग 20 सीटों पर भाजपा का गणित गड़बड़ा सकता है। इस बीच केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भाजपा पर दबाव बढ़ाने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वांचल प्रभारी प्रियंका गांधी(Priyanka gandhi) से मुलाकात कर उन्हें सूबे की उन सीटों का ब्योरा उपलब्ध कराया है, जहां कमेरा समाज का ज्यादा प्रभाव है।
प्रियंका गांधी(Priyanka gandhi) को बताया गया है कि अनुप्रिया पटेल(Anupriya patel) बिरादरी के साथ-साथ यूपी में ओबीसी का भी बड़ा चेहरा हैं। चर्चा है कि कांग्रेस ने उन्हें फूलपुर सीट से उनके ही चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ाने का भरोसा दिया है। बात बनी तो गठबंधन कर चार-पांच सीटें और भी दी जा सकती हैं। दरअसल, अनुप्रिया को डर है कि यदि भाजपा की ओर से साफ-साफ निर्देश नहीं दिए गए तो उनके लिए मिर्जापुर भी जीतना कठिन होगा। उधर, सपा-बसपा गठबंधन से उन्हें तीन सीट का ऑफर है। नए समीकरणो में वह मिर्जापुर में सपा प्रत्याशी का समर्थन भी कर सकती हैं।
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यूपी लोकसभा चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा (फाइल)
भाजपा के यूपी लोकसभा चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा(JP Nadda) से अनुप्रिया पटेल(Anupriya patel) की एक दौर की बात हो चुकी है। इसमें प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह को मंत्री बनाने का मसला भी उठा। केंद्र की राजनीति करने की इच्छुक अनुप्रिया पटेल(Anupriya patel) चुनाव से भाजपा पर दबाव बनाकर अपना हित साधना चाहती हैं। वह मिर्जापुर के अलावा राबर्ट्सगंज, सलेमपुर और डुमरियागंज सीट मांग रही हैं। 25 को शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया है, वहीं अनुप्रिया ने 28 फरवरी को अपना निर्णय सुनाने के लिए लखनऊ में अद (एस) की बैठक बुलाई है।