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जब मिले पुरनिए तो जवां हो उठा पुराना जमाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:51 PM IST
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बनारस के वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट के प्रांगण में शनिवार को पुरा छात्र समागम में जब पुरनिए सालों बाद मिले तो पुरानी चुहलबाजियां फिर से तरोताजा हो गई। इसके बाद तो यही आवाज आई कि बीते हुए लमहों की कसक साथ तो होगी....। कोई प्रोफेसर तो कोई उद्घोषक तो कोई उद्यमी था, बावजूद इसके अपने पुराने महाविद्यालय में आने के बाद पुराना जमाना जैसे फिर से जवां हो गया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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विद्यालय की छात्राओं ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पुरा छात्रों का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कुलगीत से हुआ। समागम को संबोधित करने के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अलका सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम अतीत की स्मृतियों को पुनर्जीवित कर नई पीढ़ी के मध्य ऊर्जा का संचार करती है। पुरा छात्र समागम की अध्यक्ष डॉ. शीला सिंह ने देश के कोने-कोने से आई हुई पुराछात्रों का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि मनोविज्ञान विभाग अध्यक्ष एवं प्रोफेसर पटना विश्वविद्यालय प्रो. ज्योति वर्मा, तेहरान रेडियो में वर्षों तक उद्घोषिका प्रेमा अग्रवाल, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र विभाग डॉ. कुसुम गिरी रहीं।
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प्रो. ज्योति वर्मा ने कहा कि इसी भूमि से मिले ज्ञान के बाद जीवन में पूर्णता आई। कहा कि यह हमारी तपोभूमि, ज्ञानभूमि और कर्मभूमि है। शहनाज ने कहा कि कॉलेज ने मानवता का पाठ पढ़ाया। जीवन जीने का सलीका इसी कॉलेज से मिला। समागम की अध्यक्षता डॉ. शीला सिंह ने पुरा छात्र संघ को पोषित और पल्लवित करने के लिए मालवीय जी के पद चिह्न का अनुसरण की बात कही। अतिथियों का स्वागत डॉ. शीला सिंह ने किया।
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परिचय डॉ. उषा वर्मा ने दिया। डॉ. परवीन सुल्तान ने वार्षिक प्रतिवेदन पढ़कर कार्यक्रम की गतिविधियों के बारे में बताया। संचालन डॉ. श्रेया पाठक तथा धन्यवाद डॉ. पुनीत पाठक ने दिया। समागम में डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ अपने पुरा छात्राओं ने अपनी यादों को साझा किया। इसके बाद लावनी, बीहू, गणेश वंदना, नृत्य नाटिका, गायन वादन की प्रस्तुतियां दी।