बिहार के दरभंगा में हुए विस्फोट मामले में पुलिस ने कैराना के मोहल्ला आल खुर्द निवासी कफील उर्फ कासिम समेत दो लोगों को उठाया है। कफील के पिता शकील का कहना है कि 23 जून को पुलिस उनके बेटे को झिंझाना से उठाकर ले गई थी। वह मसाले की सप्लाई का काम करता है और झिंझाना में अपने मामा के यहां गया था।
शकील का कहना है कि वह कई बार थाने गए लेकिन, उन्हें यह नहीं बताया गया कि कफील को क्यों उठाया गया है। मीडिया से पता लगा कि कफील को दरभंगा ब्लास्ट मामले में उठाया गया है। कफील का मोबाइल दो साल पहले दिल्ली में खो गया था। उसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। शकील का कहना है कि उनके पुत्र का दरभंगा ब्लास्ट से कोई लेना देना नहीं है। वह तो अपने क्षेत्र में रहकर ही मसाले की सप्लाई का काम करता है। उनके पुत्र को बेवजह फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि इस मामले में दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए।
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शामली में कफील का घर।
- फोटो : amar ujala
उधर, चर्चा है कि एनआईए और एटीएस की टीम जिले में डेरा डाले हुए हैं लेकिन, अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं है। कैराना से उठाए गए दोनों लोगों के घरों पर भी कोई टीम नहीं पहुंची है। कफील के अलावा पकड़े गए दूसरे व्यक्ति के घर पर कोई नहीं है, जबकि कफील का पूरा परिवार अपने घर पर मौजूद है।
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कफील का फाइल फोटो।
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उधर, एसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि दरभंगा मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।
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शामली: कफील के पिता शकील।
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दरभंगा स्टेशन पर हुआ था विस्फोट
बिहार के दरभंगा स्टेशन पर 17 जून को विस्फोट हुआ। जांच में आया था कि सिकंदराबाद से आई एक ट्रेन से दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर एक पार्सल उतार कर प्लेटफार्म एक पर लाया गया। इसी दौरान उसमें विस्फोट हुआ और पार्सल में पैक कपड़े की गठिया में आग लग गई। जब रेलवे व जीआरपी ने आग बुझाने के बाद गठरी की जांच की तो उसमें छोटी बोतल मिली। जिसमें लिक्विड भरा हुआ था। फोरेंसिक जांच भी की गई।
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दरभंगा विस्फोट मामला।
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वहीं एनआईए के अलावा यूपी एटीएस भी जांच में लगी है। कपड़े की इस गठरी को पार्सल के द्वारा मोहम्मद सूफियान नाम के व्यक्ति ने सिकंदराबाद से दरभंगा भेजा था।