उत्तर प्रदेश के शामली जिले में गुरुवार सुबह एक भयावह हादसा हो गया। हादसे से एक परिवार पर गम का पहाड़ टूट गया है। परिवार के तीन बच्चों सहित मां की मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी मौके का हाल देखा उसकी रूह कांप गई। वहीं परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शामली में पिछले दो दिनों से लगातार रुक-रुक बारिश हो रही है। वहीं शहर के मोहल्ला कलंदर शाह पंसरियान में गुरुवार सुबह बारिश के दौरान घर की कच्ची छत गिरने से एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एसडीएम संदीप कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, इस घटना से गांव में मातम पसर गया। गांव में हर तरफ इस दर्दनाक घटना को लेकर चर्चा हो रही है। हर किसी के मुंह पर यही बात है कि परिवार में एक साथ चार सदस्यों की मौत होने से गम का पहाड़ टूट गया है।
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हादसे के बाद मौके का हाल।
- फोटो : amar ujala
वहीं पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो परिजनों ने इनकार कर दिया। गांव में ही चारों के शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। चिकित्सक के अनुसार, अस्पताल आने से पहले ही सभी की मृत्यु हो चुकी थी। शाहिद व एक बेटा बाहर बरामदे में सोए थे, इसलिए इन दोनों की जान बच गई और वे सुरक्षित हैं।
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हादसे के बाद मौके का हाल।
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पुलिस के मुताबिक, मृतकों में शाहिद की पत्नी अफसाना (36वर्ष), पुत्र सुहेल (14वर्ष), पुत्री सानिया (12वर्ष) और पुत्री इरन (10वर्ष) शामिल हैं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
बताया गया कि महिला तीनों बच्चों के साथ अंदर कमरे में सोई हुई थी। सुबह करीब पांच बजे छत गिरने से चारों मलबे में दब गए। आसपास के लोगों ने मलबा हटाकर किसी तरह सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक मां और तीनों बच्चे दम तोड़ चुके थे।
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विलाप करते परिजन।
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डीएम जसजीत कौर का कहना है कि मरने वाले हर सदस्य के नाम पर परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।