पाकिस्तान के लिए जासूसी में पकड़े गए कैराना के नोमान इलाही से पूछताछ और पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कैराना के 14 युवाओं के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देहरादून के कई एजेंट पकड़े गए नोमान और पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट इकबाल उर्फ काना के संपर्क में हैं। जांच में पता चला है कि कपड़े की फेरी, जन सुविधा केंद्र और प्राइवेट नौकरी की आड़ में सूचनाएं पाकिस्तान भेजी जा रही थीं।
ISI Agent Arrested: पूछताछ में बड़ा खुलासा, ISI के लिए जासूसी कर रहे वेस्ट यूपी, दिल्ली और देहरादून के एजेंट
ISI Agent News: पानीपत से पकड़े गए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट नोमान इलाही को लेकर जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
दिल्ली के युवक ने नोमान के खाते से किया ट्रांजेक्शन
पानीपत की सीआईए (क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) प्रथम के सूत्रों के अनुसार, आरोपी नोमान इलाही के संपर्क में विभिन्न स्थानों के युवा हैं। पूछताछ में सामने आया है कि नोमान के खाते में करीब आठ हजार रुपये की ट्रांजेक्शन दिल्ली के रहने वाले किसी युवक ने की थी। माना जा रहा है कि उक्त युवक भी नोमान के साथ जुड़कर पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा है।
नोमान के संपर्क में रहने वाले उक्त युवा कपड़े की फेरी, जन सुविधा केंद्र संचालन और प्राइवेट नौकरी करते हैं। सभी पर शिकंजा कसने के लिए पानीपत पुलिस स्थानीय पुलिस से भी सहयोग लेगी। इसके अलावा पता चला है कि सिर्फ आठवीं पास नोमान व्हाट्सएप ही नहीं इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी प्रयोग कर रहा था। हालांकि, अन्य प्लेटफार्म पर अभी तक की जांच में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है।
देहरादून समेत अन्य शहरों में भी संदिग्ध, की जाएगी पूछताछ
सीआईए प्रथम प्रभारी संदीप चहल का कहना है कि पूछताछ में नोमान ने कैराना के अलावा देहरादून, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के एजेंटों का भी खुलासा किया है। सभी से पूछताछ की जाएगी।
आईएसआई एजेंट इकबाल काना का फोटो पुलिस के पास नहीं
आईएसआई एजेंट इकबाल देश के युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है। सेना से लेकर देश की विभिन्न गोपनीय जानकारियां मंगवाई जा रही हैं, मगर हैरत की बात है कि शामली या फिर पानीपत पुलिस के पास इकबाल का फोटो ही नहीं है। हालांकि, पुलिस फोटो जल्द मंगवाने की बात कह रही है।
बिना फोटो के किस आधार पर इकबाल को पकड़ा जा सकता है खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, पाकिस्तान में जाकर एजेंटों को पकड़ना संभव नहीं है। सेवानिवृत्त आईपीएस वीके शेखर ने बताया कि पाकिस्तान पुलिस और सरकार के सहयोग के बिना आईएसआई एजेंटों का पकड़ना मुश्किल है।