शाहजहांपुर में गोलीकांड में घायल युवक की मौत के बाद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित परिजनों ने बुधवार को बरेली मोड़ से राजघाट चौकी जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। परिजनों ने मुख्य आरोपी का घर गिराए जाने और आरोपियों के एनकाउंटर करने की मांग की। मांगें न माने जाने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
सोमवार की रात चौक कोतवाली क्षेत्र के अजीजगंज मोहल्ले में हिस्ट्रीशीटर शेरू ने तीन सगे भाइयों कमलेश, अखिलेश और जितेंद्र को तमंचे से गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल कमलेश की लखनऊ ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। वहीं, जितेंद्र का लखनऊ में इलाज चल रहा है। अखिलेश की तहरीर पर पुलिस ने शेरू, रामकिशोर, रामनिवास, सुमित व एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। अब तक आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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मृतक कमलेश का फाइल फोटो, घायल अखिलेश
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश की तहरीर पर पुलिस ने शेरू, रामकिशोर, रामनिवास, सुमित व एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। अब तक आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे ने बरेली मोड़ से राजघाट चौकी जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया।
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महिलाओं ने लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों का कहना था कि इतना समय बीतने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही। आधे घंटे तक विवाद होने के बावजूद घटना के दिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी थी, जबकि राजघाट चौकी थोड़ी ही दूरी पर है। परिजनों का कहना है कि आरोपियों के घर बुलडोजर से गिराए जाएं। एनकाउंटर किया जाए।
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जाम में फंसे लोग
- फोटो : अमर उजाला
मांगें न माने तक अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस से परिजनों की जमकर नोकझोंक हुई। व्यस्त मार्ग पर जाम लगने के कारण धूप में लोग परेशान हो गए। वाहन चालकों से भी परिजनों की नोकझोंक हुई है। पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद परिजन शांत हुए। दोपहर करीब ढाई बजे जाम खुल सका।
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मृतक कमलेश के घर के बाहर जुटीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
नेहा का उजड़ा मांग का सिंदूर, बच्चों के बिखर गए सपने
कमलेश पांच भाई हैं। वह अजीजगंज में ट्रांसपोर्ट पर काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार की शाम मामूली विवाद ने कमलेश की जिंदगी छीन ली। उसकी पत्नी नेहा का सिंदूर उजड़ गया। उसके बच्चों आयुष, रौनक और शबनम के सपने बिखर गए। कमलेश के शव को देख नेहा बिलख पड़ी। परिवार के लोगों ने उसे संभाला। नेहा को देख मोहल्ले की महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े।