शाहजहांपुर में एक किलोमीटर का फेर बचाने के प्रयास में रोजा रेलवे स्टेशन पर पावर केबिन के सामने रेलवे कर्मियों की सुविधा के लिए बनी क्रॉसिंग से गुजरते समय बाइक सवार पांच लोगों की जान चली गई। 110 प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही रन-थ्रू गरीब रथ एक्सप्रेस के इंजन की टक्कर लगने से बाइक के परखचे उड़ गए। पांचों लोगों के शव बुरी तरह क्षतविक्षत अवस्था में मिले।
हादसा बुधवार शाम करीब 6:10 बजे उस समय हुआ, जब बरेली से लखनऊ की ओर जाती सहरसा-अमृतसर गरीब रथ ट्रेन रोजा स्टेशन के आउटर पर पहुंच रही थी। तभी लखीमपुर खीरी जिले के थाना उचौलिया क्षेत्र के गांव बनका निवासी हरिओम (26) शाहजहांपुर के निगोही इलाके के विक्रमपुर चकौरा उर्फ बिकन्नापुर निवासी अपने साढ़ू सेठपाल (32), उनकी पत्नी पूजा (26) और उनके दो बच्चों चार वर्षीय निधि व डेढ़ वर्षीय सूर्या के साथ एक ही बाइक से रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। ये सभी ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतना तेज लगी कि पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
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रोजा जंक्शन की क्राॅसिंग यहीं पर हुआ हादसा
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रेलवे स्टेशन के पास ही गेट संख्या 317 को रेलवे कर्मचारियों की आवाजाही के लिए बनाया गया है। गेट पर अप और डाउन की पटरी के साथ लूप लाइनें भी हैं। सामान्य तौर पर इस गेट से आमजन को आने-जाने पर रोक होनी चाहिए, लेकिन रेलवे अफसरों की लापरवाही के कारण लोग इसे शॉर्टकट के तौर पर अपनाते हैं।
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प्लेटफॉर्म पर पड़ा बाइक की पहिया
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बाइक के उड़े परखच्चे
रोजा ओवरब्रिज से होकर गुजरने में लगभग एक किमी का फेर पड़ जाता है। बुधवार की शाम को हरिओम, सेठपाल, पूजा व उनके दो बच्चे बाइक से रवाना हुए तो रोजा बस अड्डे से रैक प्वाइंट की ओर जाने के लिए एक किमी का फेर बचाने के लिए रोजा में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पटरी पर पहुंचने पर हरिओम व सेठपाल को दूर से रन-थ्रू ट्रेन आती दिख गई, लेकिन बाइक सवार समझ नहीं पाए कि गाड़ी कौन-सी लाइन पर आएगी। इस बीच तेज गति से आई ट्रेन के इंजन से बाइक में जोरदार टक्कर लगी और बाइक के परखच्चे उड़ गए।
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हरिओम का फाइल फोटो
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बच्चों को लेकर हरिओम की गर्भवती पत्नी का हाल जानने जा रहे थे सेठपाल व पूजा
गांव बनके निवासी हरिओम सैनी के पिता लालाराम व मां माया देवी रोजा की मठिया कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। हरिओम की पत्नी आरती गर्भवती है। बुधवार की शाम को हरिओम अपने माता-पिता से मिलने के लिए आया था। उसने सेठपाल को कॉल की तो पता चला कि साढू व साली पूजा बुध बाजार में खरीदारी करने आए हुए हैं। वह बाइक से शहर आया और दोनों को पिता के घर ले आया। यहां आरती के गर्भवती व बीमार होने की जानकारी होने पर सेठपाल व पूजा उसे देखने जाने के लिए तैयार हो गए।
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हादसे के बाद घटनास्थल पर खड़े लोग
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दो बच्चों समेत पांचों लोग बाइक पर सवार होकर घर से करीब पांच सौ मीटर दूर ही चले होंगे तभी रेलवे क्रॉसिंग पर हादसा हो गया। किसी ने लालाराम को रेलवे फाटक पर हादसा होने की सूचना दी तो वह घबरा गए। आशंकित लालाराम जब मौके पर पहुंचे तो शव यहां-वहां पड़े देखकर बदहवास हो गए। बेटे हरिओम को सर्दी से बचाव के लिए ओढ़ने के लिए दी अपनी शॉल देखकर बिलख पड़े। उन्होंने ही क्षतविक्षत शवों की पहचान की। हादसे के बाद लालाराम के परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। पूरे प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार मच गई।