जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में सीमा पार से की गई फायरिंग में सहारनपुर का सपूत नायक निशांत शर्मा शहीद हो गया। पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग के दौरान 18 जनवरी को निशांत शर्मा घायल हो गए थे। उनका ऊधमपुर स्थित कमांड अस्तपताल में उपचार चल रहा था।
दुश्मन से लोहा लेते हुए शहीद हुए नायक निशांत शर्मा, परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल
शहर के मोहल्ला न्यू शारदानगर की गली नंबर 41 में रहने वाले 34 वर्षीय निशांत शर्मा 61 राष्ट्रीय रायफल जाट रेजिमेंट में थे और इन दिनों उनकी तैनाती राजौरी सेक्टर में लगी थी। निशांत के पिता जोगेंद्र शर्मा चीनी मिल से सेवानिवृत्त कर्मी हैं। वहीं छोटा भाई शुभम भी सैनिक है और इन दिनों मेरठ में तैनात है।
शहीद के परिजनों ने बताया कि 18 जनवरी को पेट्रोलिंग के समय दुश्मन देश की तरफ से की गई फायरिंग और बमबारी के दौरान नायक निशांत गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब से निशांत के ठीक होने का इंतजार किया जा रहा था, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका।
निशांत के शहीद होने की सूचना के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी सोनम शर्मा ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। पति की मौत के सदमे से सोनम इतनी आहत हुई कि उसने अपना हाथ भी घायल कर लिया। बाद में उसे कमरे से निकाला गया और एंबुलेंस मंगवाकर अस्पताल ले जाया गया।
निशांत की मां ममता को भी महिलाएं संभालतीं रहीं। कुछ महिलाओं ने बताया कि करीब ढाई साल पहले निशांत की शादी हुई थी। उन्हें कोई बच्चा नहीं था।निशांत के भाई शुभम ने फोन पर बताया कि उसका भाई बहुत ही जांबाज था। उसकी तैनाती जोखिम वाले क्षेत्रों में होती रही।
पिता चादर लेपेटे गुमसुम बैठे रहे
घर में मचे कोहराम के बीच पिता जोगेंद्र शर्मा कुर्सी पर चादर लपेटे गुमसुम बैठे रहे। वे इतना ही बोले कि दो सपूत सेना की सेवा में लगाए थे। अब उनमें से एक ही बचा है।
निशांत के दूसरे भाई ऋषभ और अन्य आने वाले लोग परिवार के लोगों को ढांढस बंधाते रहे। शहर के ही निवासी कर्नल मधुर गोयल ने भी शोक जताया और कहा कि परिवार के जांबाज सपूत ने खुद को देश के लिए न्यौछावर किया है।