उपचुनाव के नतीजे के बाद समाजवादी पार्टी नेता आजम खां ने पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में कहा कि हिम्मत मत हारना, ये हार नहीं जीत है हमारी। आजम खां ने ये भी चुनौती दी कि खुले मैदान में निष्पक्ष चुनाव करा लें, अगर हम हार गए तो राजनीति का मैदान हमेशा के लिए छोड़ देंगे।
रामपुर हार के बाद आजम की प्रतिक्रिया: बोले- खुले मैदान में निष्पक्ष चुनाव करा लें, हार गया तो हमेशा के लिए छोड़ दूंगा राजनीति
पुलिस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पिछले कई सालों से रामपुर को निशाना बनाकर फर्जी मुकदमे कायम करके, माली, सियासी, अखलाकी और समाजी तौर पर बर्बाद करके जो अपनी तसल्ली की है उससे बड़ी मायूसी होती है। मायूसी इसलिए होती है क्योंकि अपने ही मादरे वतन में अपने ही हमवतनों का ये सलूक। आजादी के बाद पाकिस्तान बनने पर वहां न जाने वालों की तादाद अधिक है लेकिन उनके साथ जुल्म भी उतना ही ज्यादा है।
शायराना अंदाज में कहा कि हम मुल्क की किस्तें तो कई दे चुके लेकिन, ऐ खाक एक वतन कर्ज अदा क्यों नहीं होता। आगे कहा कि कोई अंतर्राष्ट्रीय आर्गेनाइजेशन आए और चुनाव कराने की जिम्मेदारी ले। दुनिया की सबसे ताकतवर फौज आ जाए और चुनाव कराए। हम खुली चुनौती देते हैं कि खुले मैदान में चुनाव हो जाए, हार जाएंगे तो राजनीति का मैदान हमेशा के लिए छोड़ देंगे।
आजम खां ने कहा कि हम हार पर खुश हैं आपको जीत की खुशी नहीं है, क्योंकि हम जानते हैं आपको पता है कैसे जीते हैं। मतदान में जो ज्यादती हुई, कहीं और हुआ होता तो इंकलाब आ गया होता। हम इंकलाब के कायल हैं लेकिन लोकतंत्र, शराफत और इंसानियत के रास्तों से।
पता होता तो प्रत्याशी ही नहीं उतारते
चुनाव परिणाम के बाद एक चैनल को दिए इंटरव्यू में आजम खां ने कहा कि अगर हमें पता होता कि ऐसा होगा तो हम उपचुनाव में अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारते और वॉकओवर दे देते लेकिन शायद निर्णय लेने में चूक हो गई, गलती हमारी ही है।
उन्होंने कहा कि जो भी वोट सपा को पड़ा है उसके लिए मतदाताओं की हिम्मत और हौसले को सलाम। कहा कि मुझे हराकर उन्हें खुशी नहीं मिली जो सिस्टम को हराकर खुशी मिली है। उन्होंने रामपुर की शराफत, बेबसी, गरीबी को हराया है।