समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक आजम खां ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन चाहता तो चुनाव निष्पक्ष हो सकता था लेकिन यहां एक-एक गली में पांच-पांच सौ पुलिस वाले खड़े कर दिए। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव है, जब मतदाताओं को घरों से निकलने ही नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मतदान में धांधली का आरोप भी लगाया।
Rampur By-Election: कम मतदान पर आजम खां गुस्सा, बोले- घरों से ही नहीं निकले लोग, तस्वीरों में देखें रामपुर की वोटिंग
आजम ने कहा कि पुलिस कमियों ने लोगों को वोट डालने से रोका। इसकी शिकायतें मिलीं हैं। एक-एक गली में पांच-पांच सौ पुलिस वाले आकर खड़े हो गए। डर और दहशत की वजह से लोग घरों से नहीं निकल पाए। इसीलिए रामपुर में मतदान कम हुआ है।
आजम खां की पत्नी पूर्व राज्यसभा सदस्य तथा पूर्व विधायक डॉ. तंजीन फात्मा ने कहा कि मैंने तो यहां पर विकास, भाईचारे के मुद्दे पर वोट दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी की जीत से यहां पर भाईचारा कायम होगा। रामपुर का पूरी तरह से विकास होगा। उनका आरोप है कि पुलिस के डर से वोटिंग बहुत कम हुई। पुलिस ने तो वोटिंग प्रक्रिया चलने नहीं दी।
आजम खां के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खां ने उपचुनाव में वोटिंग के बीच ट्वीट करते हुए लिखा कि ऐसे चुनाव से कोई फायदा नहीं। इसके साथ ही आजम खां ने आरोप लगाया कि रामपुर में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी के समर्थकों तथा मतदाताओं को पुलिस ने थानों में ले जाकर पीटा। इससे वह लोग काफी डरे रहे।
उन्होंने कहा कि मैं तो पूरी रात जागता रहा। हमारे लोकसभा उम्मीदवार गंज थाना, कोतवाली थाना, सिविल लाइंस थाने में गए थे। गंज थानाध्यक्ष ने सबसे अभद्र व्यवहार किया, हिंसा भी की। उन्होंने कहा कि मतदान का प्रतिशत कम हुआ तो प्रशासन इसका जिम्मेदार है। उन्होंने रातों-रात तबाही मचा दी। रामपुर में हर जगह जीप और सायरन की आवाजें थीं। पुलिसकर्मी लोगों को थाने ले जाकर पीटा। मैंने सुना है कि कुछ लोगों को पैसे भी दिए गए हैं। यह शर्मनाक है। आजम खां ने कहा कि हम अपने ही वतन में कितनी जिल्लत से जी रहे हैं, कितनी घृणा की जाती है।