पीलीभीत के बीसलपुर के एक दबंग ने साइकिल मिस्त्री ओमपाल को इतना परेशान किया कि उन्होंने सल्फास की दस गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले ओमपाल सुसाइड नोट छोड़ गए। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि दबंग आए दिन एससी-एसटी एक्ट का फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देता था। उसके साथ मारपीट की जाती थी। घटना तीस अगस्त की है। मंगलवार को ओमपाल के बेटे गौरव ने पुलिस को तहरीर दी।बीसलपुर के ग्राम नगरिया फतेहपुर निवासी गौरव ने तहरीर में बताया कि उसके पिता ओमपाल बारह पत्थर पर साइकिल रिपयेर करने का काम करते थे।
गुंडा है, फिर पीटेगा!: लिखकर खा लीं सल्फास की 10 गोलियां, सुसाइड नोट में बेबसी का किस्सा सुन भर आएगा दिल
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दुकान के पास में ही आरोपी गांव निवासी व्यक्ति की ट्रॉली बनाने की दुकान है। वह और उसका भाई आए दिन ओमपाल को परेशान किया करते थे। दोनों चाहते थे कि ओमपाल दुकान बंद करके चला जाए। उसे धमकी दी जाती थी कि एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा लिखा देंगे। पूर्व में ओमपाल ने इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे दोनों भाइयों के हौसले बढ़ते चले गए।
30 अगस्त की शाम 5.30 बजे दोनों भाइयों ने अपनी दुकान पर ओमपाल को बुलाकर मारपीट की। उन्हें थप्पड़ मारे। साथ ही धमकी भी कि अगर पुलिस से शिकायत की तो फिर मारेंगे। ओमपाल यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सके और घटना के बाद जहर खा लिया। हालत खराब होने होने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। जहां 31 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मरने से पहले ओमपाल ने सुसाइड नोट लिखा। शिकायत पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के कराया। साथ ही सुसाइड नोट अपने पास रख लिया है। गौरव ने बताया कि पिता की मौत के बाद दसवां आदि कार्यक्रम पूरा किया। इसके बाद मंगलवार को बीसलपुर कोतवाली जाकर तहरीर दी। पुलिस को घटना के बारे में 30 अगस्त को ही बता दिया था।
आरोपी के रिश्तेदार पुलिस में... मदद की आस नहीं
ओमपाल ने सुसाइड नोट में लिखा है कि जिन लोगों ने उन्हें पीटा उसके रिश्तेदार पुलिस में हैं। वह कुछ नहीं कर सकता। पुलिस का काम वह पहले देख चुका है। उन्होंने अपनी मौत के लिए ट्रॉली बनाने की दुकान चलाने वाले को जिम्मेदार बताया है। अनुसूचित जाति से होने का फायदा उठाने की बात कही है। लिखा है कि आज मारा है कल भी मारेगा। पढ़ा-लिखे होने का ढोंग करता है, असल में गुंडा है। सुसाइड नोट में आगे लिखा कि पुलिस इस कदर गिर चुकी है कि अपने रिश्तेदार को बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। इसलिए दस की दस गोलियां खा लीं।
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मरने से पहले दिए बयान
ओमपाल के जहर खाने की सूचना पर हल्का दरोगा विकास त्यागी अस्पताल गए। यहां उन्होंने ओमपाल के बयान रिकॉर्ड किए। बयानों में भी उन्होंने दोनों भाई पर दबंगई का आरोप लगाया। पुलिस के पास फुटेज हैं। बावजूद इसके पुलिस ने अभी तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
ओमपाल ने पहले कोई शिकायत नहीं की। सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाएंगे तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी -प्रवीण कुमार, इंस्पेक्टर, बीसलपुर