सफारी गाड़ी डिवाइडर से टकराने के बाद लगभग बारह फुट हवा में उछलकर दीवार से टकराई और इसके बाद सड़क किनारे पेड़ों में जा घुसी। गाड़ी को क्रेन से खिंचवाकर बाहर निकलवाया। चालक को नींद की झपकी आने को हादसे की वजह माना जा रहा है।
अनियंत्रित और तेज रफ्तार सफारी गाड़ी जब सूजडू बाइपास पर पहुंची तो नींद की झपकी में चालक संतुलन खो बैठा और गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। राहगीरों ने हादसे की सूचना डायल-112 पर दी, तब थाना सिविल लाइन पुलिस व डायल-112 टीम मौके पर पहुंची। गाड़ी पेड़ों में घुसी थी और उसके परखच्चे उड़ गए थे। पुलिस ने क्रेन मंगाकर गाड़ी को बाहर निकलवाया।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार।
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हादसा देखा तो सहम गए लोग
हादसा होने के बाद काफी राहगीर व घटना स्थल क्षेत्र में दुकान करने वाले लोग भी एकत्र हो गए। भयावह हादसा देख लोग सहम गए।
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मुजफ्फरनगर में हादसा।
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परिजन पहुंचे, तहरीर दी
मृतकों और घायलों के परिजन थाना सिविल लाइन पहुंचे। मृतक मनीष के भाई मंजीत ने तहरीर दी। परिजनों ने बताया कि गाड़ी प्रिंस की थी।
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हादसे में चार दोस्तों की मौत।
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बुझ गए घर के इकलौते चिराग
बताया गया कि मृतक साहिल व प्रिंस चौहान अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके परिजन हादसे की सूचना पाकर मुजफ्फरनगर पहुंचे थे और बेटों के शव देखने के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल था। प्रिंस के पिता सत्य प्रकाश हरियाणा रेलवे में निरीक्षक है।
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मुजफ्फरनगर में बड़ा हादसा।
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एक शादीशुदा, एक व्यवसायी और चार छात्र
परिजनों ने बताया कि मृतक रविंद्र की कुछ साल पहले शादी हुई थी। घायल प्रिंस पुत्र राज सिंह गुरुग्राम में अपना होटल चलाता है। मृतक मनीष, साहिल, प्रिंस चौहान व घायल रोहित ग्रेजुएशन कर रहे थे।