मुजफ्फरनगर में भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली सदर सीट के नतीजों पर सबकी नजर टिकी है। मतदाता तो परिणाम लिख चुके। वहीं बूथवार रिपोर्ट देखकर नेताओं को पसीने छूट रहे हैं। कई इलाके ऐसे हैं जहां बंपर मतदान की संभावना थी, लेकिन मतदाता घरों से नहीं निकले। समर्थक अपने-अपने गुणाभाग में जुटे हैं।
UP Elections 2022: भाजपा का गढ़, फिर भी उलझ रहे समीकरण, मतदाताओं के परिणाम पर छूटे नेताओं के पसीने
इस विधानसभा क्षेत्र में 14 बूथ ऐसे रहे, जिन पर 50 प्रतिशत से कम मतदान हुआ है, जबकि 75 फीसदी से अधिक मतदान वाले बूथों की संख्या भी अधिक नहीं है। 80 फीसदी से अधिक मतदान वाला बूथ सिर्फ एक है। देहात क्षेत्र में अधिक मतदान हुआ। शहर के मतदाता घरों से अपेक्षा के अनुरूप नहीं निकले, जिससे गणित बिगड़ रहा है।
मुजफ्फरनगर सदर सीट पर सबसे ज्यादा मतदान वाले बूथ
प्राथमिक विद्यालय हनुमान चौक गोशाला 80.69
जनता कन्या विद्यालय केवलपुरी 79.92
उच्च प्राथमिक विद्यालय असदनगर भंडूरा 79.70
उच्च प्राथमिक विद्यालय (1-8) धन्धेडा 79.02
प्राथमिक विद्यालय धन्धेडा 78.63
उच्च प्राथमिक विद्यालय पटेल कन्या 78.52
जैन औषाधालय प्रेमपुरी 78.11
जनता कन्या विद्यालय केवलपुरी 77.73
पटेल कन्या प्राथमिक विद्यालय रामलीला टीला 77.36
जैन औषाधालय प्रेमपुरी 77.04
पटेल कन्या प्राथमिक विद्यालय रामलीला टीला 76.91
उच्च प्राथमिक विद्यालय पटेल कन्या 76.72
उच्च प्राथमिक विद्यालय (1-8) धन्धेडा 76.63
उच्च प्राथमिक विद्यालय (1-8) तिगरी 76.51
उच्च प्राथमिक विद्यालय पटेल कन्या (1-8) 76.33
प्राथमिक विद्यालय धंधेडा 76.28
मुजफ्फरनगर सदर सीट पर सबसे कम मतदान वाले बूथ
छोटूराम इंटर कालिज सिविल लाइन दक्षिणी 46.69
छोटूराम इंटर कालिज सिविल लाइन दक्षिणी 45.80
जैनबिया गर्ल्स स्कूल किदवईनगर 45.18
मदन मोहन मालवीय कालिज मालवीय चौक 44.73
सरस्वती शिशु मन्दिर बसन्त विहार 44.70
भाजपा के लिए सबसे बड़ा खतरा भीतरघात
सदर सीट पर भाजपा ने कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल को तीसरी बार टिकट दिया है। उनके रास्ते में सबसे बड़ी मुश्किल भीतरघात की है। नतीजे बताएंगे कि वह लोगों को कितना संतुष्ट कर पाए हैं। नतीजों पर चर्चा में भीतरघात का जिक्र भी छिड़ रहा है।