उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में लंबे समय तक जिले में पुलिस के लिए अपराधों की पड़ताल में कारगर भूमिका निभाने वाली श्वान एएसपी क्यूटिक्स उर्फ टिंकी की प्रतिमा का अनावरण शनिवार को एसपी सिटी अर्पित विजय वर्गी की मौजूदगी में डॉग हैंडलर सुनील कुमार ने किया।
मुजफ्फरनगर: ASP टिंकी की प्रतिमा का एसएसपी ने किया अनावरण, छह साल की नौकरी में किए थे 49 सनसनीखेज खुलासे
एएसपी टिंकी ने अपनी तैनाती की इस अवधि के दौरान हत्या, लूट और चोरी सहित 49 संगीन मामलों का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई थी। निधन के बाद पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था।
अब एसएसपी अभिषेक यादव के निर्देश पर पुलिस लाइन में स्थित डॉग स्क्वॉड यूनिट के बाहर एएसपी क्यूटिक्स उर्फ टिंकी की प्रतिमा को स्थापित किया गया है। सीओ सिटी कुलदीप कुमार, प्रतिसार निरीक्षक अब्दुल रईस खान समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
टिंकी ने किया था 49 घटनाओं का खुलासा
एएसपी टिंकी ने अपने छह साल के कार्यकाल में जनपद मुजफ्फरनगर व शामली की कुल 49 घटनाओं का खुलासा किया था। इनमें शामली की हत्या की दो घटनाएं और शेष जनपद की हैं।
एएसपी टिंकी ने जिन घटनाओं का खुलासा किया, उनमें मुख्यत: हत्या, लूट और चोरी जैसी बड़ी घटनाएं ही शामिल हैं।
कर चुकी कई सनसनीखेज खुलासे
एएसपी टिंकी जनपद में हुई कई हत्याओं के सनसनीखेज खुलासे कर चुकीं है। इनमें सर्वाधिक चर्चित वारदात भौराकलां और वहलना की रही थी। करीब ढाई साल पूर्व शहर से सटे गांव वहलना में किशोर की लाश जंगल में मिली थी, जिसकी गर्दन पर किसी जंगली जानवर के हमले के निशान थे।
ग्रामीणों व परिजनों ने इसे जंगली जानवर के हमले से मौत बताते हुए कार्रवाई से इंकार किया, लेकिन जांच में यह हत्या का मामला निकला, जिसमें गांव के ही एक युवक ने प्रेम संबंध खुलने के डर से किशोर की हत्या की थी।
इसके बाद करीब सवा साल पूर्व भौराकलां थाना क्षेत्र में एक युवती ने ही प्रेम संबंध छिपाने के लिए अपनी ही बहन की हत्या कर शव को अगोलो में छिपा दिया था। इस घटना का खुलासा एएसपी टिंकी की बदौलत संभव हुआ था, जिसने शव बरामद कराकर पूरी घटना का खुलासा कर दिया था।
इनके अलावा, भोपा में डॉक्टर की हत्या, परासौली में युवक की हत्या और बागोवाली में युवक द्वारा की गई मां की हत्या की वारदातों का खुलासा भी एएसपी टिंकी की बदौलत ही संभव हो पाया। सटीक खुलासों के चलते कई बार एएसपी टिंकी को पुलिस मुख्यालय द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका था।