उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का राजा अहंकारी और घमंडी हो गया है, उसे अपने घर से पांच किमी की दूरी पर धरना दे रहे किसान दिखाई नहीं देते। जिस तरह हर आदमी का हृदय होता है, इसी तरह किसान देश का हृदय है। किसान की पीड़ा सुनी जानी चाहिए।
किसान महापंचायत: मंच से गरजीं प्रियंका, प्रधानमंत्री मोदी को बताया पुरानी कहानियों का अहंकारी राजा
शनिवार को कल्याणकारी इंटर कॉलेज के बघरा में आयोजित कांग्रेस की किसान पंचायत में प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता के लिए नहीं अपने खरबपति मित्रों के लिए राजनीति कर रहे हैं।
जिस बॉर्डर पर किसान धरना दे रहे हैं वह प्रधानमंत्री के आवास से पांच किलोमीटर की दूरी पर है। देश और दुनिया की सैर करने वाले पीएम को इन किसानों की पीड़ा दिखाई नहीं दी। यह सरकार किसानों के आंसू नहीं पोंछ पाई है।
जब किसान तड़प रहा है तो इनके पूंजीपति मित्र हजारों करोड़ कमा रहे हैं। 90 दिन से लाखों किसान दिल्ली के बाहर बैठे हैं। आंदोलन में 215 किसान शहीद हो चुके हैं। बिजली, पानी काटा, सड़कें खोद दी, दिल्ली की सीमा को देश की सीमा बना दिया।
जब टिकैत की आंखों में आंसू थे, तो प्रधानमंत्री हंस रहे थे। इस सरकार ने किसान को आतंकी, देशद्रोही, परजीवी, आंदोलनजीवी क्या नहीं कहा।
प्रियंका गांधी ने कहा कि हर आदमी का अपना एक हृदय होता है, इसी तरह देश का हृदय किसान है। जो जमीन को सींचकर उपजाऊ बनाता है। केंद्र सरकार ने किसान से लूट और मित्रों को छूट देने का काम किया है।
किसानों का गन्ने का सरकार पर 15 हजार करोड़ रुपये बकाया है। पीएम ने हाल ही 16 हजार करोड़ के दो हवाई जहाज अपनी यात्रा के लिए खरीदे हैं। नई संसद, इंडिया गेट बनाने की 20 हजार करोड़ की स्कीम है।
उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल से 2014 से अब तक 21 लाख 50 हजार करोड़ कमाया है। किसानों को कुछ भी नहीं दिया गया। आय दोगुनी की जगह डीजल, पेट्रोल, डीएपी, बिजली के दाम बढ़ा दिए। तीन कृषि कानूनों से सबसे बड़ा नुकसान यह होगा की मंडी बंद हो जाएगी, कांट्रेक्ट फार्मिंग में पूंजीपति मनमानी करेंगे।