मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड में संयुक्त किसान मोर्चा की किसान महापंचायत में रविवार सुबह से ही भीड़ के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। आज महापंचायत में किसान ऐसे उमड़े जैसे किसी मेले में जा रहे हों। प्रशासन की ओर से जो व्यवस्थाएं लागू की गईं, वे दस बजने के साथ ही चरमरा गई। किसानों के लगातार उमड़ते सैलाब के आगे पुलिस-प्रशासन बेबस एक ओर खड़ा हो गया, जिसके बाद किसानों ने जहां से चाहा, वहां से वाहन निकाले। कई स्थानों पर व्यवस्था बनाने में पुलिस के पसीने छूट गए। वहीं पंचायत में कहीं हुक्के की चौपाल लगी, तो कहीं किसान नाचते-गाते नजर आए। महिलाओं ने भी खूब बढ़कर हिस्सेदारी निभाई। आज मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड पर लघु भारत की झलक देखने को मिली।
महापंचायत नहीं मेला: सैलाब बनकर उमड़ा किसानों का रेला, मुजफ्फरनगर में दिखा लघु भारत
किसानों ने हवा में लहराए तिरंगे-गमछे, लगाए नारे
महापंचायत शुरू होने से पहले आयोजकों ने राकेश टिकैत का हरे, नारंगी और सफेद गमछे हवा में लहराकर स्वागत किया और महापंचायत को शूरू कराने की हामी भरी। पंचायत स्थल पर भारी संख्या में युवा किसान नजर आए। किसानों का उत्साह किसी उत्सव से कम नहीं लग रहा है।
किसानों के सैलाब में उनके वाहनों के दबाव के चलते शहर में लागू की गई यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई और जहां से राह मिली, किसानों के वाहन उसी ओर दौड़ते चले गए। शहर के ईदगाह तिराहे से निर्धारित मार्ग खालापार की ओर से निकाले जाने वाले वाहन शहर के हनुमान चौक, भगतसिंह रोड, शिवचौक और मीनाक्षी चौक होते हुए किसान महापंचायत में पहुंचे। इसके चलते शहर के हर मार्ग पर किसानों के वाहनों से जाम लग गया।
महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर दिखाई भागीदारी
किसान महापंचायत में महिलाओं की बढ़-चढ़कर भागीदारी नजर आ रही है। हरियाणा राज्य से काफी संख्या में महिलाएं किसान दलों के साथ पंचायत स्थल पर पहुंची है। बता दें कि कर्नाटक के भी कई किसान दल महापंचायत में शामिल होने पहुंचे हैं।
शहर के जानसठ रोड से अलमासपुर होते हुए किसानों की भारी भीड़ पैदल ही जीआईसी ग्राउंड पर पहुंची। यहां किसानों के वाहन नवीन मंडी स्थल में पार्क कराए गए थे, लेकिन भारी भीड़ के चलते यह जगह भी कम पड़ी। इसके अलावा, शहर में नियत किए गए सभी पार्किंग स्थल में भी वाहन निर्धारित संख्या से अधिक पार्क होने के कारण 11 बजे के बाद शहर में पहुंचने वाले किसानों को अपने वाहन सड़क किनारे पार्क करने को मजबूर होना पड़ा।
मुजफ्फरनगर। संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत के चलते रविवार सुबह से ही शहर में ठेली-रेहड़ी वाले फुटकर विक्रेताओं के साथ ही ई-रिक्शा भी नदारद रहीं। शहर के सभी बाजार पूरी तरह से बंद रहे। जहां आम लोगों की भीड़ खरीदारी के लिए जुटती थी, वहां रविवार को केवल किसान ही किसान नजर आए।