उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। इस हादसे में 20 मजदूर मलबे में दब गए थे, जिनमें से दो लोगों की मौत हो गई। जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने 18 मजदूरों को बचा लिया। वहीं, इस हादसे में को जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई। जानिए आखिर हादसा कैसा हुआ था।
यह बताई हादसे की वजह
हादसे के वक्त चिनाई के लिए मसाला तैयार कर रहे बरेली के संतोष और कृष्णपाल ने बताया कि पानीपत-खटीमा हाईवे के निर्माण का कार्य चल रहा है। दुकानों के पास ही रोड रोलर चल रहा था। इसकी धलक ही दुकानों तक पहुंची और अचानक यह हादसा हो गया।
2 of 8
मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि हादसे के वक्त विक्की और संजीव बाहरी हिस्से में काम कर रहे थे। अचानक ही वह जान बचाने के लिए भागे और मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए।
3 of 8
मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद हुई यह कार्रवाई
दुमंजिल दुकानों को जैक लगाकर उभारने के दौरान हुए हादसे के मामले में ठेकेदार और दुकान मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह भी पढ़ें: दर्दनाक तस्वीरें: ऐसा था मंजर... देखकर कांप गए अफसर, मलबे में दबीं जिंदगियों को बचाया, दो की टूट गईं सांसें
4 of 8
मुजफ्फरनगर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
जानसठ पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनका चालान कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 73 जैक और 10 लकड़ी के गुटके बरामद किए हैं।
यह भी पढ़ें: मौत से 11 घंटे लड़ा विकेश: मलबे में दबा पैर और पेट में घुसा था सरिया, जिंदगी बचाने पर NDRF को कहा थैंक्स
5 of 8
मुजफ्फरनगर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि ये दुकानें व मकान मेरठ जनपद के कस्बा मवाना के मोहल्ला मुन्ना लाल निवासी मुर्सलीन कुरैशी की थी। उसने इन दुकानों व मकान को ऊपर उठाने के लिए जिला रामपुर के थाना सैफनी के गांव रायपुर मजरा निवासी ठेकेदार अजब सिंह उर्फ छुट्टन को ठेका दिया था जो मजदूरों से यह कार्य करा रहा था।