मुजफ्फरनगर जिले में हुए 2013 के दंगों के बाद से चौधरी अजित सिंह बेहद व्यथित थे। उन्होंने समाज में बनी खाई को पाटने का काम किया। अजित सिंह का ही किरदार था कि 2019 में मुस्लिम समाज के लोगों ने उनमें पूर्ण आस्था जताई। रिकॉर्ड मत पाने के बाद भी चुनाव में मात्र कुछ वोटों से हार हुई तो छोटे चौधरी ने कार्यकर्ताओं के बीच आकर उनका मनोबल बढ़ाया। चौधरी ने कार्यकर्ताओं से कहा था कि मेरा उद्देश्य लोगों में आपसी सौहार्द कायम करना था वह हो गया, यही मेरी जीत है।
देश से जुड़ी यादें: ...जब हार कर भी जीत गए थे चौधरी अजित सिंह, पढ़िए क्या थे आखिरी बोल...
अमर उजाला नेटवर्क, रणवीर सैनी, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 07 May 2021 12:14 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर जिले में हुए 2013 के दंगों के बाद से चौधरी अजित सिंह बेहद व्यथित थे। उन्होंने समाज में बनी खाई को पाटने का काम किया। अजित सिंह का ही किरदार था कि 2019 में मुस्लिम समाज के लोगों ने उनमें पूर्ण आस्था जताई।
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