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UP: संभल में ASI टीम ने किया बावड़ी का निरीक्षण; परत दर परत निकल रही प्राचीन इमारत; साफ दिखने लगीं 13 सीढ़ियां
Wed, 25 Dec 2024 12:41 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 25 Dec 2024 12:41 PM IST
सार
संभल के चंदौसी में मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मणगंज में परत दर परत बावड़ी का राज खुल रहा है। बावड़ी का राज खोलने के लिए नगर पालिका परिषद के पचास लोगों की टीम कार्य में लगी है।
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Sambhal Tunnel
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के संभल के चंदौसी इलाके में मिली सदियों पुरानी बावड़ी का बुधवार को एएसआई सर्वेक्षण टीम ने निरीक्षण किया। इसके अलावा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम संभल के लाडम सराय इलाके में भी पहुंची। यहां खुदाई के दौरान प्रशासन को एक पुराना कुआं मिला है। टीम ने इस कुएं का निरीक्षण भी किया। संभल प्रशासन द्वारा यहां खुदाई का काम चल रहा है। संभल के चंदौसी में मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मणगंज में मलबे और मिट्टी के नीचे सालों से दबी मिली बावड़ी की इमारत परत दर परत अब लोगों के सामने आ रही है। मंगलवार को चौथे दिन खोदाई की गई। पालिका के 30 मजदूर फावड़े से बावड़ी की ऊपरी मंजिल से मिट्टी हटाने में जुटे रहे। अंधेरा होने तक बावड़ी के अंदर जा रही तेरह सीढ़ियां स्पष्ट नजर आने लगी हैं। बुधवार को भी बावड़ी से मिट्टी निकालने का काम किया जा रहा है।
बावड़ी की खोदाई के दौरान मिट्टी निकालते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर ट्राली के साथ आए मजदूर
सोमवार को बावड़ी के ऊपर जमी मिट्टी और गलियारे से मिट्टी हटा कर सफाई कार्य का शुरू किया गया तो बावड़ी में जाने के लिए कुछ सीढ़ी नजर आईं। हालांकि तीसरे दिन मंगलवार को दोपहर में काम बंद कर दिया गया था। चौथे दिन मंगलवार को पालिका की टीम एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर ट्राली व 30 मजदूरों के साथ मौके पर पहुंची।
सोमवार को बावड़ी के ऊपर जमी मिट्टी और गलियारे से मिट्टी हटा कर सफाई कार्य का शुरू किया गया तो बावड़ी में जाने के लिए कुछ सीढ़ी नजर आईं। हालांकि तीसरे दिन मंगलवार को दोपहर में काम बंद कर दिया गया था। चौथे दिन मंगलवार को पालिका की टीम एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर ट्राली व 30 मजदूरों के साथ मौके पर पहुंची।
चंदौसी में बावड़ी की खोदाई
- फोटो : अमर उजाला
सभी मजदूर बावड़ी के गलियारे से सीढ़ी तक लाइन से खड़े होकर मिट्टी हटाने के काम में जुट गए। मजदूर गलियारे से मिट्टी निकाल कर बाहर डाल रहे थे। वही जेसीबी मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्राली में भर रही थी। शाम छह बजे करीब अंधेरा होने पर कार्य रोक दिया गया। तब तक बावड़ी में जा रही तेरह सीढ़ी स्पष्ट नजर आने लगीं।
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बावड़ी में दिखी सीढ़ियां
- फोटो : अमर उजाला
खुदाई में बावड़ी की दीवार नजर आई
बता दें कि मोहल्ला लक्ष्मण गंज में बांके बिहारी मंदिर मिलने के बाद सनातन सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बांकेबिहारी मंदिर के जीर्णोद्धार कराने और मंदिर के कुछ दूरी पर गली में खाली प्लाट में बावड़ी होने का दावा करते हुए डीएम राजेंद्र पैंसिया को प्रार्थनापत्र दिया था। डीएम के आदेश पर उसी दिन दोपहर में एडीएम न्यायिक सतीश कुशवाह के साथ तहसील और पालिका की टीम ने मौके पर पहुंच कर खुदाई शुरू की तो बावड़ी की दीवार नजर आई।
बता दें कि मोहल्ला लक्ष्मण गंज में बांके बिहारी मंदिर मिलने के बाद सनातन सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बांकेबिहारी मंदिर के जीर्णोद्धार कराने और मंदिर के कुछ दूरी पर गली में खाली प्लाट में बावड़ी होने का दावा करते हुए डीएम राजेंद्र पैंसिया को प्रार्थनापत्र दिया था। डीएम के आदेश पर उसी दिन दोपहर में एडीएम न्यायिक सतीश कुशवाह के साथ तहसील और पालिका की टीम ने मौके पर पहुंच कर खुदाई शुरू की तो बावड़ी की दीवार नजर आई।
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संभल में बावड़ी की खोदाई
- फोटो : अमर उजाला
बावड़ी का राज खोलने के लिए लगी 50 लोगों की टीम
बावड़ी का राज खोलने के लिए नगर पालिका परिषद के पचास लोगों की टीम कार्य में लगी है। जल निगम के जेई अनुज कुमार ने बताया कि बावड़ी का अस्तित्व सामने लाने के लिए पालिका के दो सेनेटरी इंस्पेक्टर, एक रेवन्यू इंस्पेक्टर, एक जेई की देखरेख में 30 मजदूर काम कर रहे हैं। एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी लगाया गया है।
बावड़ी का राज खोलने के लिए नगर पालिका परिषद के पचास लोगों की टीम कार्य में लगी है। जल निगम के जेई अनुज कुमार ने बताया कि बावड़ी का अस्तित्व सामने लाने के लिए पालिका के दो सेनेटरी इंस्पेक्टर, एक रेवन्यू इंस्पेक्टर, एक जेई की देखरेख में 30 मजदूर काम कर रहे हैं। एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी लगाया गया है।