रामगंगा पुल बंद होने से शहर में चरमराई यातायात व्यवस्था दूसरे दिन भी पटरी पर नहीं लौटी। ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए इंतजाम भी धड़ाम हो गए। सुबह से लेकर रात तक शहर में जगह-जगह भीषण जाम लगता रहा और लोग परेशान होते रहे। कहीं स्कूली वाहन फंस गए तो कहीं एंबुलेंस। पुलिसकर्मी चौराहों पर यातायात चालू कराने में जुटे रहे लेकिन वाहनों का दबाव इतना ज्यादा था कि वह भी बेबस नजर आए।
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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
- फोटो : अमर उजाला
सुबह से ही रामपुर, बाजपुर, ठाकुरद्वारा, भोजपुर, भगतपुर की ओर से आने वाले दोपहिया, चार पहिया वाहन काशीपुर तिराहे से होते हुए ताजपुर मार्ग से जामा मस्जिद पुल से आने शुरू हो गए। धीरे-धीरे वाहनों का दबाव बढ़ा और जगह-जगह जाम लगना शुरू हो गया। जामा मस्जिद चौराहे से लेकर डबल फाटक तक भीषण जाम लग गया। पुलिस ने जामा मस्जिद पुल पर रस्सी डालकर वाहनों को रोक दिया और जामा मस्जिद चौराहे से लेकर डबल फाटक तक वाहनों का संचालन शुरू किया गया।
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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
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मार्ग खाली हुआ तो फिर से दो पहिया और चार पहिया वाहनों को शहर की ओर आने दिया गया लेकिन हालात फिर वैसे ही हो गए। इस मार्ग पर जाम लगा तो दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक जामा मस्जिद चौराहे से मंडी चौक की ओर चल दिए। थोड़ी देर में यह मार्ग भी जाम की गिरफ्त में आ गया। मंडी चौक से लेेकर एस कुमार चौराहे और गोकुल दास चौराहे से लेकर बारादरी मार्ग भी जाम हो गया। इसके कारण स्कूल वाहन, ई-रिक्शा और अन्य वाहन भी फंस गए।
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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
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सुबह से रात तक शहर के कई मार्गों पर यही हाल रहा। वहीं बुधवार को भी रामगंगा पुल से लोग कंधों पर सामान लादकर पैदल गुजरते रहे। महिलाएं गोद में बच्चों लेकर पुल की पटरी से गुजरीं। वहीं कटघर में रेलवे पुल से भी लोग जान जोखिम में डालकर पैदल गुजरते रहे। उधर, एसएसपी सपताल अंतिल बुधवार शाम जामा मस्जिद पुल पर पहुंचे और उन्होंने अधीनस्थों संग पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
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मेरठ, गाजियाबाद के लिए नहीं मिलीं बसें, भटके यात्री
अस्थायी बस अड्डे पर बुधवार को अव्यवस्थाओं की भरमार रही। यात्रियों को गाजियाबाद, मेरठ के लिए बसें नहीं मिलीं। यात्री घंटों तक बस अड्डे पर इंतजार करते रहे। बैठने की जगह न होने के कारण छोटे बच्चों के साथ महिलाओं व बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई। धूल व गंदगी में खड़े लोगों की तबीयत खराब हो गई। दूसरे शहरों की बसों के स्टाफ को रूट डायवर्जन की जानकारी न होने के कारण उन्होंने मुरादाबाद डिपो तक का ही टिकट बनाया। जब बसें बीच रास्ते रोक दी गईं तो यात्री किराया वापस करने को लेकर स्टाफ से झगड़ने लगे। बस अड्डे पर तैनात स्टेशन प्रभारी रियाज हुसैन ने यात्रियों को समझाकर शांत कराया।