मुरादाबाद के बिलारी में प्राइमरी स्कूल के शिक्षक प्रवीण सिंह (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका शव रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे सोनकपुर के रमपुरा धतरारा गांव के जंगल में पड़ा मिला। शव के पास उनकी बाइक खड़ी मिली। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। परिवार की ओर से किसी से कोई रंजिश की बात से इन्कार किया। शिक्षक के साले ने तहरीर देकर इस मामले में जांच कराने की मांग की है।
मूलरूप से रमपुरा धतरारा गांव निवासी प्रवीण सिंह करीब दस साल से संभल जिले के चंदौसी के मोहल्ला अशोक नगर में परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी गुडडो, बेटा अमन और बेटी दिव्यांशी हैं। उनकी तैनाती वर्तमान में बिलारी के नूरूद्दीनपुर गंज गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में थी।
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बिलारी में शिक्षक प्रवीण की गोली मारकर हत्या कर दी
- फोटो : संवाद
पत्नी गुडडो ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे उनके पति प्रवीण सिंह कुछ जरूरी काम बताकर बाइक से घर से निकले थे। लेकिन रात दस बजे तक भी वह वापस नहीं आए। रविवार सुबह उनका शव रमपुरा धतरारा गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर जंगल में मिला। उनकी बायीं आंख के पास गोली लगी थी।
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शव देख बेहोश हुई पत्नी और बदहवास बेटी
बिलारी के रमपुरा धतरारा के जंगल में शिक्षक प्रवीण सिंह का लहूलुहान शव देख उनकी पत्नी गुडडो रोते हुए बेहोश हो गई। जिसे अन्य रिश्तेदार महिलाओं ने संभाला और कुछ देर बाद उसे होश आया। शिक्षक की बेटी दिव्यांशी भी शव के रोने लगी।
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16 वर्षीय बेटी दिव्यांशी चंदौसी के आर आर के स्कूल में पढ़ रही है जबकि शिक्षक का बेटा अमन सिंह (18) देहरादून में पढ़ रहा है। शिक्षक प्रवीण सिंह के पिता खिलेंद्र सिंह शिक्षक थे। करीब 20 साल उनकी मृत्यु हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद ही प्रवीण सिंह को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिल गई थी।
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शिक्षक की नहीं थी किसी से रंजिश
शिक्षक की पत्नी गुडडो, चचेरे भाई ओमवीर सिंह और साले सुनील लाठर ने बताया कि शिक्षक की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। गांव की स्थानीय गुटबंदी से दूर रहने और बच्चों को बेहतर पढ़ाने की वजह से ही वह गांव छोड़कर चंदौसी में मकान बनाकर रह रहे थे। शिक्षक के दो भतीजे कोशेंद्र और ऋषिपाल रमपुरा धतरारा गांव में ही रहते हैं। कोशेंद्र नोएडा और ऋषिपाल मुरादाबाद में एक फर्म में नौकरी करते हैं।