मुरादाबाद में सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगीं रहीं। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही कांवड़ियों का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंदिर में तड़के ही श्रद्धालुओं की लाइनें लग गई थीं। बेलपत्र, फल-फूल भोलेनाथ को अर्पित किए। कावंड़ियों ने भी गंगाजल से जलाभिषेक कर सुख-सौहार्द की प्रार्थना की।
2 of 10
मुरादाबाद में जलाभिषेक करते श्रद्धालु
- फोटो : संवाद
भोलेनाथ के जयकारों से मंदिर गुंजायमान रहा। सोमवार सुबह तक हरिद्वार और ब्रजघाट से श्रद्धालु कांवड़ लेकर मंदिरों में पहुंच गए थे। प्राचीन शिव मंदिर चौरासी घंटा, झारखंडी महादेव मंदिर, पुलिस लाइन शिव मंदिर, मनोकामना मंदिर, झांझनपुर स्थित शिव मंदिर, ढाब वाला मंदिर, श्री शिव हरि मंदिर, ऋणमुक्तेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, श्री सत्य शिव मंदिर, नटबाबा मंदिर, दुर्गा माता मंदिर आदि में भगवान की पूजा-अर्चना की गई। भगवान का जलाभिषेक कर उपवास किया।
3 of 10
मुरादाबाद में जलाभिषेक करते श्रद्धालु
- फोटो : संवाद
जलाभिषेक को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। रविवार को दिन में दिल्ली रोड पर लगी भोलेनाथ की पताकाओं से माहौल शिवमय हो गया। भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु कांवड़ लेकर ब्रजघाट रवाना हो गए।
4 of 10
मुरादाबाद में जलाभिषेक करते श्रद्धालु
- फोटो : संवाद
रविवार आधी रात के बाद से ही मुरादाबाद के शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो गया था। रविवार को भोलेनाथ की आराधना के लिए मंदिरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। साफ-सफाई के अलावा अन्य व्यवस्थाएं की गईं।
5 of 10
मुरादाबाद में जलाभिषेक करते श्रद्धालु
- फोटो : संवाद
किसरौल स्थित चौरासी घंटा मंदिर के महंत पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए श्रद्धालुओं का सुबह चार बजे से ही आना शुरू हो गया था। मंदिर में सुबह पांच बजे आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालु ने जलाभिषेक करना शुरू कर दिया था।