रामपुर के टांडा के छह युवक सऊदी अरब सहित अन्य खाड़ी देशों की जेलों में सोना तस्करी और अन्य मादक पदार्थों की जेलों में बंद हैं। यह लोग सोना भारत में बेचते हैं और गुटखा-सिगरेट खाड़ी देशों में भेजकर कई गुना मुनाफा कमाते हैं। तस्करी के लिए गिरोह लगातार नई तरकीबें अपना रहे हैं। अब यह सोने को छोटे-छोटे कैप्सूल में भरकर निगल लेते हैं। भारत पहुंचकर मल के रास्ते सोना बाहर निकाला जाता है। कई बार पेट में कैप्सूल फंसने पर ऑपरेशन तक कराना पड़ता है। पूर्व में गाजियाबाद में भी पुलिस टीम ने ऐसे तस्करों को पीछा कर पकड़ा था।
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आरोपियों के पेट से निकाले गए सोने के कैप्सूल
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खुफिया एजेंसियों के रडार पर रहते हैं कई मोहल्ले
टांडा नगर क्षेत्र के कई मोहल्ले खुफिया एजेंसियों के रडार पर रहते हैं। खाड़ी देशों से सोना लाकर तस्करी का धंधा संचालित करने वाले गिरोहों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। नगर के आधा दर्जन मोहल्लों हाजीपुरा, भब्बलपुरी, पुराना बाजार, यूसुफ (चौक) आदि के लोग इस धंधे में लिप्त हैं। पुलिस और कस्टम विभाग की सक्रियता के बावजूद तस्करी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर के सैकड़ों युवक तस्करी के धंधे में लिप्त हैं। सरगना युवाओं को फ्री उमराह यात्रा और मोटी कमाई का झांसा देकर खाड़ी देशों में भेजते हैं। वहां से लौटते समय सोना उनके पेट में छिपाकर भेजा जाता है।
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मुरादाबाद में मुठभेड़ के दाैरान बरामद वाहन
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पेट में गोलियां, घर में खास टॉयलेट
तस्करी का तरीका जोखिम भरा है। सोने की छोटी गोलियों को निगलकर लाया जाता है, जिन्हें घर पहुंचने के बाद शौच के जरिये निकाला जाता है। इसके लिए कुछ घरों में विशेष जाली लगी टॉयलेट सीट बनवाई गई हैं, ताकि मल के साथ जाने वाली गोलियां आसानी से अलग हो सकें। सोने की गोलियां खाने से कई तस्करों की तबीयत भी बिगड़ चुकी है। हाजीपुरा मोहल्ला तस्करी के सरगनाओं का गढ़ बन गया है। बताया जा रहा है कि इसी मोहल्ले के दो तस्कर दुबई की जेल में बंद हैं।
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मुरादाबाद में मुठभेड़ के दाैरान बरामद वाहन
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एयरपोर्ट पर भी रहती है सेटिंग
तस्कर यह भी जानकारी रखते हैं कि कब किस एयरपोर्ट पर कौन अधिकारी ड्यूटी पर है, जिससे उन्हें पकड़ने से बचने में मदद मिलती है। यही कारण है कि हर बार नए चेहरे पकड़े जाते हैं, जबकि सरगना बच निकलते हैं। वह दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ जैसे एयरपोर्ट पर उतरकर सोना सौंप देते हैं और फिर वापस खाड़ी देशों की उड़ान पकड़ लेते हैं।
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मुरादाबाद में सोना तस्करी करने के आरोपी
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30-40 हजार के लालच में फंस रहे युवा
इस नेटवर्क में जुड़े युवाओं को हर बार की तस्करी के एवज में 30 से 40 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा फ्री उमराह यात्रा का प्रलोभन भी दिया जाता है। आर्थिक तंगी और बेरोजगारी के कारण युवा इस जाल में आसानी से फंस रहे हैं। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन तस्करों की बदलती रणनीति उन्हें पकड़ने में बड़ी चुनौती बन रही है।