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Kashipur Case: 16 किमी में बिखरा उस रहस्यमयी रात का सच, देरी हुई तो 'धूल' हो जाएंगे सबूत, खाकी को ही मदद की आस
Mon, 17 Oct 2022 03:33 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 17 Oct 2022 03:33 PM IST
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Kashipur Firing Case
- फोटो : अमर उजाला
भरतपुर कांड को लेकर यूपी और उत्तराखंड पुलिस अब भी आमने-सामने हैं। दोनों ही अपने अपने दावे मजबूत बता रही हैं। जिस वजह से सच ढूंढने पर कम और खुद को बचाने का ज्यादा प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश की सबसे बड़ी घटनाओं से एक बावनखेड़ी नरसंहार कांड का खुलासा करने पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किए गए विवेचक आरपी शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड के कुंडा थाने में दर्ज किए गए केस में जसपुर के ज्येष्ठ उप प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर ने यूपी पुलिस के 10-12 पुलिस कर्मियों खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है, जबकि ठाकुरद्वारा में निरीक्षक योगेंद्र कुमार सिंह ने जफर नामजद समेत 36 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस घटना में दो केस दर्ज होने से और दोनों ही प्रदेशों की पुलिस के अपने अपने दावे किए जाने की वजह से मामला उलझता जा रहा है। सच सामने लाने के लिए दोनों ही प्रदेशों की पुलिस को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए।
मौके पर जमा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुरद्वारा के कमालपुरी चौराहे से लेकर भरतपुर स्थित भुल्लर के घर क्राइम सीन रीक्रिएशन करना होगा। इस सोलह किलोमीटर की दूरी में पड़ने वाले सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटानी होगी। उनका दावा है कि समय रहते फुटेज जुटा ली जाएगी तो अच्छा रहेगा।
मुरादाबाद के अस्पताल में जांच करने पहुंची उत्तराखंड की पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
वरना एक समय बीतने के बाद फुटेज भी खुद ही अपने आप डिलीट हो जाती है। इसके अलावा भुल्लर के घर के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी इस केस में अहम सबूत है।
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आरोपी को ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
खनन के खेल में सफेदपोश भी शामिल, संभल तक जुड़े हैं तार
पाकबड़ा थानाक्षेत्र में मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े एक लाख के इनामी जफर से पूछताछ में अहम सुराग हाथ लगे हैं। बताया जा रहा है कि इस खनन के खेल में सफेदपोश भी शामिल हैं। जिसके तार संभल तक जुड़े हैं। उत्तराखंड से आने वाले खनन लदे वाहन मुरादाबाद के अलावा, संभल, अमरोहा, बदायूं समेत अन्य जनपदों तक जाते हैं। पुलिस इन सफेदपोशों पर हाथ डालने से पहले पुख्ता सबूत जुटाने में जुटी है।
पाकबड़ा थानाक्षेत्र में मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े एक लाख के इनामी जफर से पूछताछ में अहम सुराग हाथ लगे हैं। बताया जा रहा है कि इस खनन के खेल में सफेदपोश भी शामिल हैं। जिसके तार संभल तक जुड़े हैं। उत्तराखंड से आने वाले खनन लदे वाहन मुरादाबाद के अलावा, संभल, अमरोहा, बदायूं समेत अन्य जनपदों तक जाते हैं। पुलिस इन सफेदपोशों पर हाथ डालने से पहले पुख्ता सबूत जुटाने में जुटी है।
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आरोपी जफर
- फोटो : अमर उजाला
वर्षों से चल रहे इस खेल का खुलासा 13 सितंबर 2022 की रात ठाकुरद्वारा में खनन अधिकारी ने जब उत्तराखंड से आने वाले डंपरों को रोक कर कागजात चेक किए थे। इसके बाद जमकर बवाल हुआ था। खनन अधिकारी और एसडीएम पर हमला कर आरोपी डंपर छुड़ा ले गए थे। इस मामले में पुलिस अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।