तिगरी गंगा धाम में प्रतिवर्ष लगने वाला कार्तिक मास मेला अपने पूरे चरम पर है। अब तक करीब आठ लाख से ज्यादा श्रद्धालु मेला स्थल पर पहुंच गए हैं। गंगा तीर पर बनी तंबुओं की नगरी में परिवार संग प्रवास कर रहे श्रद्धालु सुबह-शाम गंगा में स्नान कर पुण्य कमा रहे हैं। कैसा है इन दिनों तिगरी धाम में गंगा तीर का नजारा देखिए तस्वीरों में -
तिगरी गंगा धाम में कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर आज दीपदान होगा। श्रद्धालु गंगाघाट पहुंचकर पितरों का तर्पण करेंगे। मेले में चार घाटों पर मुख्य स्नान होगा। सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। मेले में करीब दस लाख श्रद्धालु पहुंच गए हैं। सुरक्षा को लेकर व्यवस्था चाक चौबंद है। कार्तिक पूर्णिमा पर 23 नवंबर को मुख्य गंगा स्नान होगा। कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर श्रद्धालु अपने पितरों का तर्पण करते हैं। इसके लिए काफी संख्या में श्रद्धालु तिगरी मेला पहुंच गए हैं, कुछ श्रद्धालु गुरुवार को तिगरीधाम पहुंचेंगे। सूर्यास्त के समय गंगा घाट पर स्नान कर गंगा जी में दीपदान कर पितरों का तर्पण किया जाएगा। इसके साथ मुख्य स्नान की भी सभी तैयारियां पूरी हो गई है।
तिगरीधाम मेले में प्रेसवार्ता में विधायक कमल सिंह मलिक ने कहा कि गढ़ गंगा मेले के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले गंगा घाट पहुंचेंगे और आरती करेंगे। वहीं उनके लिए दो मंच बनाए गए हैं। एक मंच पर मुख्यमंत्री और दूसरे पर संत समाज रहेंगे। मंच से केवल आध्यात्मिक चर्चा होगी। 38 सालों के बाद गढ़ व तिगरी मेले को राजकीय मेला घोषित किया गया है। उससे पहले अयोध्या मेले को राजकीय मेला घोषित किया गया था। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम कम समय का है। उनके कार्यक्रम को मेले में डिजिटल स्क्रीन पर प्रसारित किया जाएगा। जाते समय मुख्यमंत्री गढ़ व तिगरी मेले में श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे।
मेले में गंगा किनारे जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता चौधरी ने सदर गंगा घाट पर दीपों के साथ आरती की। आरती पंड़ित गंगाशरण शर्मा ने कराई। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा मैया का जयघोष शुरू कर दिया। इस दौरान घाट गंगा मैया के जयकारों से गूंज उठा। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है, जहां देखो भीड़-ही-भीड़ दिखाई दे रही है।
तिगरीगंगा धाम में स्नान के लिए चार घाट बनाए गए है। पहला घाट सेक्टर एक व दो के सामने है। दूसरा घाट सदर के सामने है, तीसरा घाट सेक्टर 14 से आगे बनाया गया है। चौथा घाट तिगरी में बंधे के दाईं ओर बनाया गया है, जिसे जीरो घाट का नाम दिया गया है। इस घाट को केवल 22 व 23 को स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।