मुरादाबाद स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (पीटीसी) से महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का संकल्प लेकर मंगलवार सुबह 74 महिला सब इंस्पेक्टर उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बन गईं। पीटीसी के मैदान में पासिंग आउट परेड में एडीजी ब्रजराज मीणा ने कर्तव्य निष्टा की शपथ दिलाई। किसी ने पिता तो किसी ने अपने पति को अकास्मिक मृत्यु के बाद खाकी पहनकर श्रद्घाजंलि दी।
खाकी पहनकर बेटियों और पत्नियों ने पूरा किया सपना, खुशी से नम हुईं परिजनों की आंखें
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इस दौरान अतिथि दीर्घा में मौजूद परिजनों की आंखें भी नम हो गईं। पीटीसी में 17 सितंबर 2018 से मृतक आश्रित महिला सब इंस्पेक्टर के बैच की ट्रेनिंग शुरू हुई थी। जिसमें 91 कैडेट ट्रेनिंग का हिस्सा बनीं।
आईपीएस बनना चाहतीं हैं सर्वोत्तम सर्वांग कैडेट
आउट डोर और इंडोर की ट्रेनिंग में शानदार प्रदर्शन कर सर्वोत्तम सर्वांग चुनीं गईं रिचा मिश्रा अमेठी के रामनाथपुर (बड़ा) गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता प्रेम नारायण मिश्रा यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। उनकी तैनाती सीतापुर में थी। 2011 में सड़क हादसे में रिचा के पिता की मृत्यु हो गई थी। रिचा के परिवार में मां श्यामा मिश्रा और दो बहन पूजा शुक्ला, दीपा शुक्ला हैं। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। रिचा ने बीएससी, एमए किया है। उनका कहना है कि वह अपनी तैयारी आगे भी जारी रखेंगी और वह आईपीएस बनना चाहती हैं। पूनम, कविता और कंचन ने कहा कि हमारा मकसद रहेगा कि पीड़िता को न्याय दिलाने में हमारी भूमिका रहे।
कोई मां के कंधे पर सिर रखकर रोई तो किसी ने अपने बच्चों को सीने से लगाया
पीटीसी का नजारा मंगलवार को बदला हुआ था। पासिंग आउट परेड के बाद जैसे ही महिला सब इंस्पेक्टर अपनों के पास पहुंचीं। उनकी आंखों से आंसू छलक आए। कोई अपने पिता को याद कर मां के कंधे पर सिर रखकर रोई तो किसी ने अपने बच्चों को गले लगा लिया। सभी मृतक आश्रित कोटे से सब इंस्पेक्टर बनी हैं।
एक साल से ज्यादा अपनों से दूर रहकर ट्रेनिंग की। कई महिला दरोगा के तो छोटे छोटे बच्चे हैं। जिन्हें घर छोड़कर ट्रेनिंग की। मंगलवार को वो बच्चे भी मां को देखने के लिए यहां थे। सब इंसपेक्टर रचना देवी के दोनों बच्चे उनसे लिपटकर मम्मी मम्मी कहने लगे। तब रचना देवी की आंखों से भी आंसू छलक आए।