मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के योगेश और सुचित ने अभ्यर्थियों से सिपाही भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बैठाने के लिए दस-दस लाख रुपये में ठेका लिया था। तीन अभ्यर्थियों से रकम लेने के बाद दो सॉल्वर बिहार से बुलाए थे। सॉल्वरों को 20-20 हजार रुपये दिए थे। पुलिस की गिरफ्त में आए सॉल्वर और अभ्यर्थियों से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस गैंग के सरगना योगेश और सुचित और इनके बिहार के साथी अभिनव आलोक की तलाश में जुटी है।
सिपाही भर्ती परीक्षा: अभ्यर्थियों से दस-दस लाख में हुआ था ठेका, बिहार से बुलाए सॉल्वर को मिले 20 हजार
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सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि महाराज अग्रसेन इंटर कॉलेज में सिपाही भर्ती परीक्षा की पहली पाली में प्रवेश के दौरान एक अभ्यर्थी अभिषेक का बायोमैट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी पाई गई थी। चेकिंग स्टाफ की सूचना पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी शर्मा टीम लेकर मौके पर पहुंच गए। उससे पूछताछ की तो पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
इसके बाद कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने बताया कि उसका असली नाम अवनीश कुमार है। वह बिहार के सीतामढ़ी निवासी है। अपने साथी कुमार गौरव और अभिनव आलोक के साथ यहां दूसरों की जगह परीक्षा देने आया है। कुमार गौरव को मनीष यादव की जगह परीक्षा देनी थी। हम दोनों को बिहार से अनिभव आलोक लेकर आया था।
पुलिस पूछताछ में ये भी पता चला है कि योगेश और उसके रिश्तेदार सुचित ने एडवांस में एक-एक लाख रुपये लेकर सॉल्वर बैठाने का सौदा तय किया था। इसके बाद अपने गैंग के अन्य साथी अभिनव आलोक की मदद से बिहार से सॉल्वर मंगवाए थे। जिन्हें 20-20 हजार रुपये दिए गए थे। इसके अलावा उनके होटल में ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था भी की गई थी।
फाॅर्म और आधार कार्ड पर लगाया था सॉल्वर का फोटो
पुलिस पूछताछ में मनीष और अभिषेक ने बताया कि सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी के लिए योगेश और उसके रिश्तेदार ने फॉर्म पर सॉल्वर के फोटो लगाए थे। जबकि मूल नाम पता अभ्यर्थी का लिखा था। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड पर सॉल्वर के फोटो लगाए गए थे।