उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक विंध्य धाम (कॉरिडोर) का निर्माण कार्य करीब-करीब अंतिम चरण में है। पाथवे निर्माण से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए हो रहा कार्य अब समापन की ओर है। ऐसे में मंदिर की अनुपम और अनूठी छवि उभरकर सामने आ रही है। मां विंध्यवासिनी दरबार का अब अलग ही स्वरूप में नजर आने लगा है। जल्द ही विंध्य धाम पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। नव्य-भव्य विंध्य धाम का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, दर्शनार्थियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। विस्तारीकरण का काम पूरा हो जाने के बाद मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालुओं का आगमन अपेक्षित है। कार्यदायी संस्था तूफानी गति से निर्माण कार्य पूरा कराने में जुटी है। दिसंबर 2023 तक इसे पूरा किया जाना है।
विंध्य कॉरिडोर: अब निखर उठा सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट, तूफानी गति से चल रहा काम, देखें अद्भुत तस्वीरें
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विंध्य कॉरिडोर से मां विंध्यवासिनी के साथ मां गंगा भी एकाकार होंगी। एक ही स्थान से श्रद्धालु शक्ति धाम के साथ मां गंगा के भी दर्शन कर सकेंगे। परिक्रमा पथ के साथ ही मां विंध्यवासिनी और गंगा को जोड़ने के लिए मार्गों को भव्य रूप दिया जा रहा है तो श्रद्धालुओं की कतार के लिए भी जगह बनाई जा रही है। मंदिर परिसर में लाल पत्थर बिछाए जा रहे हैं।
परिक्रमा पथ की छत के ऊपर 15 कोने पर शिखर लगना है जिसमें 10 का निर्माण हो गया है। लोकार्पण से पूर्व इन कोनों पर समस्त देवी देवताओं की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी जो मां विंध्यवासिनी मंदिर की छत से इसकी भव्यता एवं दिव्यता प्रदर्शित करेगी।
विंध्य धाम परियोजना का एक अगस्त 2021 को गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास किया था। इस प्रोजेक्ट की लागत है लगभग 331 करोड़ रुपये जिसका उद्देश्य है विंध्याचल मंदिर का चहुंमुखी विकास एवं श्रद्धालुओं को सुविधा के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना। इस परियोजना में यहां के गंगा तट व विंध्यवासिनी मंदिर से लेकर विंध्य पर्वत तक का विकास सम्मिलित है।