उत्तर प्रदेश के देवबंद में मुत्ताहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले चल रहा महिलाओं का धरना प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने कहा कि सरकार को जगाने और संविधान की रक्षा के लिए उनका यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक यह काला कानून वापस नहीं ले लिया जाता।
देवबंद: नागरिकता कानून के विरोध में 18 दिन से धरने पर डटीं महिलाएं, ईदगाह मैदान से किया ये एलान
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उन्होंने कहा कि सरकार को अपने गलत फैसलों पर दोबारा विचार करना चाहिए। रुकैय्या मदनी ने कहा देश के संविधान ने यहां रहने वाले हर धर्म और वर्ग के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार दिया है, लेकिन शासन प्रशासन संविधान द्वारा दिए गए उस अधिकार को छीनने का प्रयास कर रहे हैं।
अफीफा अफसर ने कहा कि हम सरकार के खिलाफ नहीं है, लेकिन हमारा विरोध धर्म के आधार पर लाए गए सीएए के विरुद्ध हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह अपनी हठधर्मी छोड़कर देशहित में फैसले लेने का काम करे। सुमैय्या आदि महिलाओं ने देशभक्ति गीत पेश किए।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी की ओर से 17 फरवरी को नो सीएए, नो-एनआरसी और नो-एनपीआर विषय पर ईदगाह मैदान में स्लोगन राइटिंग व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाएगा।
उधर, नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में सांस्कृतिक एवं सामाजिक महिला संगठन प्रेरणा के तत्वाधान में चल रहा भजन कीर्तन पांचवें दिन भी जारी रहा। महिलाओं का कहना था कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, वह इस कानून की सच्चाई से वाकिफ नहीं हैं, कानून नागरिकता देने वाला है।
शिक्षक नगर स्थित शिव पार्क में कार्यक्रम संयोजिका डोली गोयल और शुभलेश शर्मा ने कहा कि जो कानून संसद में पारित हो चुका है तथा उस पर राष्ट्रपति की मुहर लग चुकी है। उसका विरोध किसी भी दशा में उचित नहीं हैं।
कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह स्पष्ट कर चुके हैं कि एनआरसी लागू नहीं की जा रही है, साथ ही सीएए से किसी भी भारतीय को कोई नुकसान नहीं है तो लोगों को सड़क अवरुद्ध कर धरना प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। संतोष कांबोज और मंजू गुप्ता ने कहा कि विपक्षी दल लोगों को गुमराह कर देश का माहौल खराब करना चाहते हैं।
कहा कि विरोध कर रहे लोगों की सद्बुद्धि के लिए भजन कीर्तन किया जा रहा है। रुचि सैनी, शकुंतला राणा, लक्ष्मी गुप्ता, मिथलेश कश्यप, मनीषा सैनी, कांता त्यागी, मीरा चौरसिया, मीना तोमर, बबीता, उषा, सुनीता, माया पुंडीर, राजकुमारी, विचित्रा राणा, अंगुरी, सीमा धीमान, अंजलि त्यागी, उषा यादव, शिवानी, रेणू, श्वेता और ममता शर्मा रहीं।