मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को दुर्गा नगर निवासी नैना ने एक साथ तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। तीनों बच्चे और मां पूरी तरह स्वस्थ बताए गए हैं। वहीं एकसाथ तीन बच्चों के जन्म से परिवार में खुशियों की बहार आ गई है।
मेरठ: महिला ने एक साथ जन्मे तीन बच्चे, मां व शिशु चारों स्वस्थ्य, एक बार में पूरा हो गया परिवार
नैना ने बताया कि एक ही बार में उनका परिवार पूरा हो गया। यह उनकी पहली प्रेग्नेंसी थी और अब उन्हें तीन बच्चे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पति निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और वह हाउसवाइफ हैं। परिवार में और इससे पहले किसी को जुड़वां बच्चे नहीं हुए। वहीं नैना के पति रोबिन का कहना है कि दो बच्चे अभी एनआईसीयू में हैं। उनके लिए वह थोड़े चिंतित हैं।
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प्रसव कराने वाली डॉ. अरुणा वर्मा ने बताया कि शुरू से नैना का इलाज मेडिकल में उनकी देखरेख में चल रहा था। इलाज के दौरान अल्ट्रा साउंड में पता चल गया था कि एक से ज़्यादा बच्चे होंगे।
सामान्य तौर पर मेडिकल साइंस के हिसाब से एक हजार में किसी एक महिला के एक साथ तीन बच्चे हो सकते हैं। अब आईवीएफ के ज़रिए तो हो जाते हैं, लेकिन सामान्य डिलीवरी में ऐसा कम ही होता है।
क्या है एक से ज्यादा बच्चों का होना
एक से ज्यादा बच्चों को जन्म देने की घटना को मेडिकल टर्म में मल्टिपल प्रेग्नेंसी कहा जाता है। इसका मतलब है कि किसी महिला के गर्भ में दो या ज्यादा बच्चे हैं। ये बच्चे एक ही एग या अलग-अलग एग से हो सकते हैं।
जुड़वा या तीन बच्चे दो तरह के होते हैं आइडेंटिकल और नॉन-आइडेंटिकल। मेडिकल भाषा में इन्हें मोनोजाइगोटिक और डायजाइगोटिक कहा जाता है। आमतौर पर महिला के शरीर में एक अंडा होता है जो एक स्पर्म से मिलकर एक भ्रूण (एम्ब्रियो) बनाता है। लेकिन कई बार इस फर्टिलाइजेशन में एक नहीं बल्कि दो या तीन भ्रूण भी तैयार हो जाते हैं।