पश्चिमी यूपी में जहां शीतलहर और सर्दी का प्रकोप जारी है वहीं पिछले मंगलवार से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश से मौसम और भी सर्द हो गया है। सोमवार को भी मेरठ समेत आसपास के कई जिलों में सुबह से ही रिमझिम बारिश होती रही।
मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश, शीतलहर का सितम जारी, किसानों की चिंता बढ़ी
अफगानिस्तान और उत्तरी पाकिस्तान में बने पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते वेस्ट यूपी में मौसम फिर से ठंडा हो गया है। दो दिन से रिमझिम बारिश का दौर चल रहा है। हवा भी आठ से दस किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली।
दिन में ठंड कम महसूस हुई, लेकिन शाम होते-होते मौसम सर्द हो गया। सोमवार को भी सुबह से ही रुक-रुककर बारिश होती रही। आसमान में बादल छाए रहे, थोड़ी देर के लिए ही सूरज के दर्शन हुए। अभी मौसम का मिजाज सर्द बना रहेगा।
मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 93 व न्यूनतम 68 प्रतिशत दर्ज की गई। बारिश 1.7 मिमी रिकॉर्ड की गई। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन के तापमान में 2 डिग्री व रात के तापमान में .10 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
आईआईएफएसआर मौसम वैज्ञानिक डा. एन. सुभाष का कहना है कि वेस्ट यूपी में अभी पश्चिमी विक्षोभ का असर 48 घंटे तक बना रहेगा, जिससे के चलते हल्की से माध्यम बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर ओले भी पड़ सकते हैं।
9 जनवरी से फिर शीतलहर बढ़ेगी। तापमान भी गिरेगा। सोमवार को मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत और सहारनपुर में भी बारिश हुई है। यहां भी लोग दिन भर सर्दी से कांपते रहे।
ओला पड़ा तो होगा नुकसान
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ ने ठंड बढ़ा दिया है। बारिश ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी हैं। गेहूं की फसल के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी होगी। जिन किसानों ने अभी बुवाई नहीं की है, बारिश होने से वह भी प्रभावित होगी। अगर ओले पड़ गए तो सरसों, आलू समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान होगा।