{"_id":"66b19df27be6ce7c0f0d2e63","slug":"up-triple-murder-case-update-life-term-for-10-year-after-16-years-in-murder-2024-08-06","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"तिहरा हत्याकांड... कातिलों को उम्रकैद: 16 साल बाद सजा सुनते ही कोर्ट में फूट-फूटकर रोए इजलाल-शीबा; पूरी कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तिहरा हत्याकांड... कातिलों को उम्रकैद: 16 साल बाद सजा सुनते ही कोर्ट में फूट-फूटकर रोए इजलाल-शीबा; पूरी कहानी
Tue, 06 Aug 2024 10:01 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 06 Aug 2024 10:01 AM IST
विज्ञापन
Up Triple Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
16 साल पहले कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 पवन कुमार शुक्ला की कोर्ट ने सोमवार को इजलाल कुरैशी और शीबा सिरोही समेत 10 आरोपियों को उम्रकैद सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने एक अगस्त को सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।
गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
एक अगस्त को कोर्ट ने इजलाल कुरैशी पुत्र इकबाल, अफजाल पुत्र इकबाल, महराज पुत्र मेहताब, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र उस्मान, बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श पर हत्या समेत तमाम धाराओं और शीबा सिरोही पर हत्या के लिए उकसाने के आरोपों को सही मानते हुए दोषी करार दिया था। हत्याकांड के दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो चुकी है। एक आरोपी शम्मी जेल में है, उसका ट्रायल चल रहा है। परवेज को नाबालिग बताए जाने के चलते हाईकोर्ट में अपील पेंडिंग है।
गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
कैप्टन की तलाकशुदा पत्नी शीबा बनी थी हत्याकांड की वजह
इजलाल और सेना के कैप्टन की तलाकशुदा पत्नी शीबा सिरोही की दोस्ती थी। सुनील ढाका, सुधीर उज्ज्वल और पुनीत गिरि इसका विरोध करते थे। बाद में इजलाल ने तीनों युवकों से समझौता कर लिया था। शीबा को इजलाल का तीनों से मिलना पसंद नहीं था। उसने इजलाल को तीनों की हत्या के लिए उकसाया। 22 मई 2008 की रात इजलाल ने तीनों को बात करने के बहाने बुलाया और मार डाला।
इजलाल और सेना के कैप्टन की तलाकशुदा पत्नी शीबा सिरोही की दोस्ती थी। सुनील ढाका, सुधीर उज्ज्वल और पुनीत गिरि इसका विरोध करते थे। बाद में इजलाल ने तीनों युवकों से समझौता कर लिया था। शीबा को इजलाल का तीनों से मिलना पसंद नहीं था। उसने इजलाल को तीनों की हत्या के लिए उकसाया। 22 मई 2008 की रात इजलाल ने तीनों को बात करने के बहाने बुलाया और मार डाला।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
सजा सुनते ही रोने लगी शीबा सिरोही और इजलाल
आरोपी इजलाल कुरैशी, अफजाल, महराज, कल्लू, इजहार, मन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन को पुलिस कस्टडी में कटघरे में लाया गया। शीबा सिरोही को महिला पुलिसकर्मियों ने कटघरे के बराबर में बिठाया। जैसे ही कोर्ट रूम में उम्रकैद सुनाई गई तो शीबा सिरोही फफक-फफकर रोने लगी। इजलाल भी रोने लगा।
आरोपी इजलाल कुरैशी, अफजाल, महराज, कल्लू, इजहार, मन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन को पुलिस कस्टडी में कटघरे में लाया गया। शीबा सिरोही को महिला पुलिसकर्मियों ने कटघरे के बराबर में बिठाया। जैसे ही कोर्ट रूम में उम्रकैद सुनाई गई तो शीबा सिरोही फफक-फफकर रोने लगी। इजलाल भी रोने लगा।
विज्ञापन
गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी 27 वर्षीय सुनील ढाका निवासी निवासी ढिकौली बागपत, 22 वर्षीय पुनीत गिरि निवासी खटकी परीक्षितगढ़ और 23 वर्षीय सुधीर उज्ज्वल पुत्र सुरेश कुमार निवासी सिरसलगढ़ बिनौली बागपत के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की। इजलाल की दोस्त शीबा सिरोही को हत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया था।
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी 27 वर्षीय सुनील ढाका निवासी निवासी ढिकौली बागपत, 22 वर्षीय पुनीत गिरि निवासी खटकी परीक्षितगढ़ और 23 वर्षीय सुधीर उज्ज्वल पुत्र सुरेश कुमार निवासी सिरसलगढ़ बिनौली बागपत के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की। इजलाल की दोस्त शीबा सिरोही को हत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया था।