उत्तर भारत में हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत दी लेकिन दो ही दिन बाद राहत की बारिश जनता के लिए आफत की बारिश बन गई।
मेरठ में कहीं स्कूल की बस ही पानी में डूब गई, तो कहीं पुलिस चौकी धराशायी हो गई। पुलिस स्टेशनों में पानी लबालब भर गया। यहां तक कि पुलिस थानों में पुलिसकर्मी और अधिकारी भी बारिश से परेशान नजर आए।
तस्वीरों में देखिए आखिर कैसे राहत की बारिश पुलिसवालों के लिए बन गई दुश्वारियों की बारिश :-
ट्रैक्टर से जायजा लेने पहुंचे डीएम और एसएसपी
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ट्रैक्टर पर मेरठ के एसएसपी राजेश् पांडेय व डीएम अनिल ढींगरा
- फोटो : अमर उजाला
लगातार हो रही बारिश से मेरठ में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यहां तक कि आला अधिकारियों को भी बारिश ने परेशान कर दिया। बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण खादर क्षेत्र में तटबंध टूटने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। आला अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे लेकिन खास बात यह है कि शहर के डीएम और एसएसपी ने जलभराव को देखते हुए ट्रैक्टर का सहारा लिया।
जूते हाथ में लेकर थाने पहुंचा दारोगा
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हाथ में जूते लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचता दारोगा
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यह तस्वीर है मेरठ के पल्लवपुरम थाने की जहां दारोगा को अपने जूते हाथ में लेकर ऑफिस पहुंचना पड़ा। वैसे थानेदार साहब को तो किसी भी हाल में ड्यूटी करनी है लेकिन ऐसी तस्वीरें प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी की पोल जरूर खोलती हैं।
बारिश ने ले ली होती सिपाहियों की जान
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बारिश का कहर
- फोटो : अमर उजाला
ये नजारा है लिसाड़ी गेट थाने की इस्लामाबाद चौकी का। जहां तीन पुलिसकर्मी मरने से बाल-बाल बच गए। ड्यूटी पर निकले फैंटम के तीन सिपाही बारिश से बचने के लिए चौकी में ठहरे थे कि चौकी की दीवार ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में डायल 100 की तीन फैंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
पैंट ऊपर चढ़ाकर थाने से रवाना हुए इंस्पेक्टर
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जलभराव के बीच थाने के इंस्पेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
अब यह तस्वीर देखिए, यह मेरठ के पल्लवपुरम थाने का हाल है। जहां पानी के स्तर को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बारिश का पानी पुलिस स्टेशन के कार्यालय तक जा पहुंचा है। शिकायत की सूचना पर कुछ इस तरह बाहर निकले थानेदार साहब।